सड़क सुरक्षा में सुधार और घटना की स्थिति में प्रतिक्रिया समय को कम करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) मानकों और विशिष्टताओं 2023 को लागू करने के लिए अपनी अद्यतन नीति जारी की है। कृत्रिम बुद्धिमता-एआई प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति का उपयोग करते हुए यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा और डिजिटल प्रचलन को बढ़ाएगी।
एनएचएआई की इस पहल में यातायात नियमों में डिजिटल प्रचलन पर जोर देने के लिए पहले इस्तेमाल हो रहे वीआईडीएस कैमरों की जगह नया वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन एंड एनफोर्समेंट सिस्टम (वीआईडीईएस) का इस्तेमाल शामिल है। वीआईडीईएस में ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट एवं सीटबेल्ट उल्लंघन, गलत लेन या दिशा में ड्राइविंग, राजमार्ग पर जानवरों की उपस्थिति और पैदल यात्री क्रॉसिंग सहित 14 अलग-अलग घटनाओं की पहचान करने की क्षमता है। पहचानी गई घटना के आधार पर, वीआईडीईएस मार्ग गश्ती वाहनों या एम्बुलेंस को सचेत करेगा, ई-चालान उत्पन्न करेगा, पास के वेरिएबल मैसेजिंग बोर्डों पर अलर्ट भेजेगा, या पास के यात्रियों को ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप के माध्यम से सूचनाएं भेजेगा।
व्यापक कवरेज के लिए इन कैमरों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 10 किमी पर स्थापित करने की योजना है। प्रत्येक 100 किमी पर अत्याधुनिक कमान और नियंत्रण केंद्र विभिन्न कैमरा फ़ीड को एकीकृत करते हैं। इसके अलावा, वाहन स्पीड डिटेक्शन सिस्टम (वीएसडीएस) को अब वीआईडीईएस में एकीकृत किया गया है, जो स्वचालित नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों के उपयोग को अनुकूलित करता है।
इसके अलावा, ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा सिस्टम (टीएमसीएस) को भी अपग्रेड किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हर एक किमी पर स्थित ये कैमरे दुर्घटनाओं और रुके हुए वाहनों का स्वचालित पता लगाने जैसी उन्नत क्षमताओं से संपन्न हैं।
स्थानीय यातायात एजेंसियों के साथ सहयोग को मजबूत करते हुए एनएचएआई यातायात पुलिस प्रतिनिधियों के लिए कमान एवं नियंत्रण केन्द्र में स्थित समर्पित कार्यस्थान आवंटित करेगा। इसके अलावा, वास्तविक समय समन्वय और प्रतिक्रिया को बढ़ाने के लिए नेटवर्क पर कैमरा फ़ीड साझा करने के प्रावधान किए गए हैं।
एटीएमएस की तैनाती प्रभावी योजना और कार्यान्वयन के लिए इनपुट प्रदान करके आपदा प्रबंधन में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती है। यह राजमार्ग की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को ऑनलाइन साझा करने की सुविधा भी प्रदान करेगा जिससे एजेंसियों और राजमार्ग उपयोगकर्ताओं दोनों को मदद मिलेगी।
यह नीति ऑप्टिक फाइबर केबल (ओएफसी) बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ एकीकृत उपयोगिता गलियारे विकसित करके डिजिटल राजमार्गों के कार्यान्वयन का भी प्रावधान करती है। एटीएमएस उपकरण कमान एवं नियंत्रण केन्द्र के साथ संचार करने के लिए ओएफसी का उपयोग करेंगे। वहीं, भविष्य में कवरेज बढ़ने पर 5जी आधारित संचार के लिए भी नीति में प्रावधान हैं।
आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप, एनएचएआई के नए मानकों ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों घटकों को अद्यतन किया है। इन महत्वपूर्ण बदलावों को लागू करने में, एनएचएआई देश भर में सभी यात्रियों के लाभ के लिए सुरक्षित, अधिक कुशल और दुर्घटना मुक्त राजमार्ग विकसित करने के अपने मिशन पर दृढ़ है।
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