राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने वित्तीय वर्ष 2019-20के लिए प्रभु स्टील्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड (पीएसआईएल) के संबंध में वित्तीय रिपोर्टिंग गुणवत्ता समीक्षा रिपोर्ट (एफआरक्यूआरआर) जारी की है।
कंपनी की ओर से लेखांकन मानकों का अनुपालन नहीं किए जाने के संदर्भ में उच्च प्रभाव के रूप में वर्गीकृत कुछ मुख्य कथन इस प्रकार हैं:
पीएसआईएल एक सूचीबद्ध कंपनी है और इसलिए इसके द्वारा कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 133 के तहत अधिसूचित भारतीय लेखा मानकों का पालन करना आवश्यक है। हालांकि, कंपनी ने वर्ष 2019-20 के लिए वित्तीय विवरण तैयार करने में अपनाए जाने वाले लेखांकन संबंधी फ्रेमवर्क के मूलभूत पहलू के संबंध में निदेशक की रिपोर्ट और वार्षिक खातों की टिप्पणियों में विरोधाभासी जानकारियां दी हैं।
कंपनी ने इंड-एएस फ्रेमवर्क की सामग्री संबंधी जरूरतों का अनुपालन न करके और पूर्व में अपनाए जाने वाले लेखांकन संबंधी फ्रेमवर्क के तहत जानकारियां प्रदान करके वित्तीय विवरणों की तैयारी एवं प्रस्तुति से संबंधित कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
कंपनी वित्तीय विवरणों के एक घटक यानी वित्तीय विवरणों में इक्विटी में बदलाव से संबंधित विवरण, जोकि सीए, 2013की धारा 2की उप-धारा 40, इंड-एएस 1, और सीए, 2013की अनुसूची III के तहत अपेक्षित है, को प्रस्तुत करने में विफल रही।
कंपनी वित्तीय साधनों और उचित मूल्य मापन से संबंधित इंड-एएस की प्रमुख जरूरतों यानी इंड एएस 109, इंड एएस 107, इंड एएस 32और इंड एएस 113 का अनुपालन करने में विफल रही है। वह अपनी वित्तीय परिसंपत्तियों की प्रमुख श्रेणी यानी व्यापार प्राप्य, ऋण एवं अग्रिम और बैंक बैलेंस के संदर्भ में खराबी जनित हानि भत्ता का उचित मूल्यांकन करने में विफल रही है। उसके वित्तीय विवरणों में इंड एएस 107 के तहत अपेक्षित वित्तीय साधनों के महत्व, वित्तीय साधनों से उत्पन्न होने वाले जोखिम की प्रकृति एवं सीमा से संबंधित जानकारियों का अभाव है।
कंपनी लिए गए ऋण के रूप में अपनी उधारियों और दिए गए ऋणों और अग्रिमों के रूप में परिसंपत्तियों के संबंध मेंसीए, 2013की अनुसूची III के तहत अपेक्षित उपयुक्त जानकारी देने में विफल रही है।
कंपनी अपने निष्क्रिय संयंत्र एवं मशीनरी की वजह से होने वाले मूल्यह्रास के बारे में जानकारी प्रदान करने में भी विफल रहकर इंड एएस 16 में अंतर्निहित सिद्धांत का उल्लंघन किया है।
उपरोक्त के अलावा, जैसाकि एफआरक्यूआर रिपोर्ट में बताया गया है, कंपनी ने लेखांकन के लगभग सभी क्षेत्रों में कंपनी अधिनियम, 2013और इंड-एएस के लागू होने वाले प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
संपूर्ण वित्तीय विवरणों में व्याप्त त्रुटियों/चूकों को देखते हुए, पीएसआईएल 90 दिनों के भीतर कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुरूप दोबारा से वित्तीय विवरण तैयार करने और प्रकाशित करने पर सहमत हो गया है।
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