Categories: News-Headlines

नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 97वीं बैठक में रेल और सड़क परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया

 

नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 97वीं बैठक आज आयोजित की गई, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओरआरटीएच) और रेलवे मंत्रालय (एमओआर) की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया। यह बैठक ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ (पीएमजीएस एनएमपी) के मुख्य सिद्धांतों के अनुरूप बहु-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने पर केंद्रित थी।

एनपीजी ने कुल पाँच परियोजनाओं का आकलन किया, जिनमें से तीन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से और दो रेलवे मंत्रालय से संबंधित थीं। इनमें दो ब्राउनफील्ड परियोजनाएँ तथा तीन ग्रीनफील्ड परियोजनाएँ हैं। प्रत्येक परियोजना का मूल्यांकन पीएम गतिशक्ति के एकीकृत बहु-मोडल अधोसंरचना, आर्थिक और सामाजिक केंद्रों तक अंतिम मील कनेक्टिविटी और अंतर-विभागीय समन्वय के सिद्धांतों के अनुरूप किया गया। ये पहलें लॉजिस्टिक्स दक्षता को बेहतर बनाने, यात्रा समय को कम करने और जिन क्षेत्रों में ये लागू होंगी वहाँ व्यापक सामाजिक-आर्थिक लाभ प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की परियोजनाएँ

1. द्वारका टनल

इस प्रस्तावित 6-लेन भूमिगत टनल के माध्यम से नेल्सन मंडेला मार्ग का विस्तार गुरुग्राम और द्वारका तक किया जाएगा, जिससे शिव मूर्ति के निकट एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज के द्वारा एनएच-8 और द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्बाध जुड़ाव होगा। यह ग्रीनफील्ड मार्ग द्वारका एक्सप्रेसवे व अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर-2) को जोड़ने, आईजीआई हवाईअड्डा हेतु वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने (जिससे एनएच-48 पर निर्भरता कम होगी) तथा एनएच-48 और आसपास की प्रमुख सड़कों पर भीड़ को कम करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। यह टनल नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों से गुजरेगी, जिससे माल और यात्री आवागमन में राहत मिलेगी और वाणिज्यिक वाहनों का रुख बदलकर शहरी ट्रैफिक और भीड़ कम होगी।

2. पटनापुर्णिया 6-लेन एक्सप्रेसवे

यह प्रस्तावित 244.930 किमी लंबा, 6-लेन एक्सप्रेसवे पटना और पूर्णिया के बीच तेज-मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी कॉरिडोर स्थापित करेगा। 120 किमी/घंटा गति के लिए डिज़ाइन यह एक्सप्रेसवे दरभंगा और पुर्णिया समेत तीन बड़े हवाई अड्डों को जोड़ेगा, जिससे सड़क एवं वायु परिवहन का बेहतर समन्वय होगा। यह एक्सप्रेसवे छह जिलों में फैलेगा और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करेगा, यात्रा समय को घटाएगा, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, प्रमुख सैन्य ठिकानों तक रक्षा संपर्क को मजबूत करेगा और प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक सीधे पहुँच प्रदान करके औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को गति देगा।

3. सूरतगढ़श्रीगंगानगर राजमार्ग को 2-लेन से 4-लेन में चौड़ीकरण

इस परियोजना के अंतर्गत राजस्थान के सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर के मध्य एनएच-62 के 75.550 किमी हिस्से का 4-लेन में तब्दील किया जाएगा। भारत की पश्चिमी सीमा के समीप होने के कारण यह परियोजना सैन्य आवागमन और रक्षा लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना राजस्थान और पंजाब के मध्य अंतर्राज्यीय संपर्क को मजबूत करेगी, साथ ही कृषि व्यवसाय, वस्त्र उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों जैसी औद्योगिक गतिविधियों को बड़े बाजारों से जोड़कर क्षेत्रीय औद्योगिक और कृषि विकास को गति देगी। बेहतर मार्गरेखा पर्यटन, ग्रामीण विकास और सतत् परिवहन एकीकरण में भी सहयोग करेगी।

रेलवे मंत्रालय (एमओआरकी परियोजनाएँ

1. बद्दीघनौली के मध्य नई रेल लाइन

रेल मंत्रालय द्वारा हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच 25.396 किमी लंबी नई रेलवे लाइन का प्रस्ताव रखा है। यह ग्रीनफील्ड परियोजना औद्योगिक दृष्टि से महत्वूपर्ण क्षेत्र, विशेषकर दवा उद्योग और विनिर्माण हब, में कनेक्टिविटी मजबूत करेगी। यह नई रेल कॉरिडोर क्षेत्रीय आवागमन, औद्योगिक लॉजिस्टिक्स और समीपवर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

2. कनालुसओखा स्टेशनों के बीच रेल मार्ग का दोहरीकरण (डबलिंग)

इस प्रस्तावना के तहत गुजरात राज्य के कनालुस जंक्शन से ओखा तक 141.117 किमी मौजूदा रेल मार्ग को डबल किया जाएगा। यह मार्ग धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसमें द्वारकाधीश मंदिर और ओखा पोर्ट जैसे प्रमुख तीर्थस्थल एवं बंदरगाह शामिल हैं, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। डबल लाइन से यात्री आवागमन सुव्यवस्थित, सुरक्षित, तेज़ और अधिक प्रभावी होगा। भारत की पश्चिमी समुद्री सीमा के निकटवर्ती होने से यह रक्षा लॉजिस्टिक्स और परिचालन दक्षता के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई गलियारा भी है, जो प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता है और गुजरात और उसके बाहर निर्बाध माल ढुलाई को सुगम बनाता है।

बैठक की अध्यक्षता उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव श्री पंकज कुमार ने की।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

19 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

22 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

23 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

23 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.