त्योहारों का सीजन शुरू होते ही माहौल में उत्सव के जश्न की उमंग भर जाती है। सभी लोग बड़े उत्साह और खुशी से दिवाली का स्वागत कर रहे हैं, जिन्होंने अपने घरों, सड़कों, आस-पड़ोस और बाजारों को रोशनी समेत अन्य चीजों से सजाकर सुंदर स्वरूप दिया है। सालभर में यही वह समय होता है, जो हमारे घरों समेत सार्वजनिक क्षेत्रों में भी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालता है और ऐसा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एक साथ आते हैं। देशभर के शहरों में नागरिक अपने आस-पास साफ-सफाई सुनिश्चित करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अभियानों में शामिल हो रहे हैं, जिससे त्योहार और भी खास और सार्थक हो गया है। इसकी जिम्मेदारी अग्रिम पंक्ति के लोगों पर भी आती है, जो विशेष स्वच्छता अभियान चला रहे हैं, कचरे के भारी प्रवाह का प्रबंधन कर रहे हैं और स्वच्छता एवं अपशिष्ट क्षेत्र में भी प्रबंधन कर रहे हैं।
स्वच्छता की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने, स्थानीय उत्पादों का उपयोग करने समेत पुरानी और अप्रयुक्त वस्तुओं को RRR केंद्रों में दान करने की सामूहिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के पहलू को शामिल करना भी है। नागरिकों, स्थानीय निकायों, आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, एसएचजी, गैर सरकारी संगठनों, कार्यालय परिसरों, स्कूलों, संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़कों की सफाई का समय निर्धारित हो। इसे सुबह तड़के के समय में बदला गया है, जब प्रदूषण समेत व्यस्त बाजारों और सड़कों पर आने वाले लोगों की संख्या बहुत कम होती है। धूल को कम रखने के लिए स्प्रे और पानी छिड़कने की गतिविधियां नियमित अंतराल पर होनी चाहिए। स्थानीय निकायों द्वारा उचित फेस मास्क, सुरक्षात्मक आंख और सुरक्षा गियर वितरित किए जाने चाहिए।
इस अभियान के एक भाग और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारी के रूप में MoHUA ने ‘स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में स्वास्थ्य और कल्याण’ विषय पर स्वच्छ वार्ता वेबिनार श्रृंखला के 7वें संस्करण का आयोजन किया। MoHUA सचिव मनोज जोशी समेत संयुक्त सचिव एवं SBM-U निदेशक रूपा मिश्रा की अध्यक्षता में 7वें एपिसोड में स्वच्छता क्षेत्र में स्वास्थ्य और कल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सत्र को मेदांता के चिकित्सा शिक्षा निदेशक, इंटर्नल मेडिसिन एंड रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. रणदीप गुलेरिया ने संबोधित किया। डॉ. गुलेरिया ने कार्यबल को वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने के दौरान अभ्यास करने और पालन करने के लिए एसओपी और प्रोटोकॉल बनाने का सुझाव दिया। मंच पर बोलते हुए पद्मश्री पुरस्कार विजेता ने शमन कार्रवाई की आवश्यकता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया। तत्काल उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. गुलेरिया ने पटाखों के उपयोग पर अंकुश लगाने, व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों जैसे सेफ्टी आई गियर, सुरक्षा गियर, एन 95 मास्क, कैप, जोखिम को कम करने के तरीके, बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए प्रदूषण निवारण को ध्यान में रखते हुए नजर आने वाले कचरे को उठाने पर जोर दिया। इस दौरान मंच पर चिंतन पर्यावरण अनुसंधान और एक्शन ग्रुप की संस्थापक और निदेशक
भारती चतुर्वेदी ने ‘अनुचित गुणवत्ता- तीन व्यवसायों पर वायु प्रदूषण का प्रभाव’ संबंधी अध्ययन के निष्कर्षों को साझा किया। उन्होंने कचरा बीनने वालों, सफाई मित्रों और सुरक्षा गार्डों पर खराब वायु गुणवत्ता के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रकाश डाला और इस दिशा में पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल पर चर्चा की। पद्मश्री डॉ. इंदिरा चक्रवर्ती, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विद्वान और पर्यावरणविद् ने ‘WASH को भोजन और स्वास्थ्य से जोड़ना कितना महत्वपूर्ण है’, इस पर अपनी राय साझा की। उन्होंने स्ट्रीट फूड से होने वाले प्रदूषण पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य क्षेत्र में कचरा प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और बताया कि स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को सुव्यवस्थित करना कितना महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर बोलते हुए MoHUA के सचिव मनोज जोशी ने चिंताजनक वायु प्रदूषण के दौरान अपनाए जाने वाले SOPs और प्रोटोकॉल पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि स्वच्छता कार्यकर्ताओं, विशेषकर अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में सुरक्षा और सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने शहरों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया कि प्रदूषित हवा के संपर्क में आने वाली टास्क फोर्स निवारक उपाय कर रही है। इस वर्चुअल कार्यक्रम में राज्य और शहर के अधिकारियों, सेक्टर भागीदारों, इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों और स्वच्छता कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। स्वच्छ टॉक्स शहरों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ संपन्न हुई, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य और कल्याण में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया।
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