क्रॉस-सेक्टोरल लिंकेज के माध्यम से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) के क्षेत्र में तेजी लाने और सभी हितधारकों के बीच संवाद एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आवासन और शहरी कार्य का मंत्रालय (MoHUA) की ओर से ‘SBM-GOBARdhan बायोगैस सम्मेलन: अपशिष्ट से धन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था में तेजी लाना’ विषय पर 1 दिसंबर 2023 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। यह सम्मेलन जीआईजेड, सर्कुलर वेस्ट सॉल्यूशंस और यूनिडो के साथ साझेदारी में हो रहा है।
गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन (GOBARdhan) भारत सरकार की एक व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य “अपशिष्ट को धन” में परिवर्तित करना और स्थायी आर्थिक विकास और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस/कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी)/बायो-कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) प्लांट्स की स्थापना के लिए एक मजबूत ईकोसिस्टम का निर्माण करना है। भारत का लक्ष्य नैशनली डिटरमाइन्ड कंट्रीब्यूशन (एनडीसी) के अनुसार 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का है जिसमें अपशिष्ट से बायोगैस की महत्वपूर्ण भूमिका होने की उम्मीद है।
बजट 2023 के अनुसार, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए गोबरधन योजना के तहत 500 नए ‘वेस्ट टु वेल्थ’ प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनमें 200 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट शामिल होंगे, जिनमें शहरी क्षेत्रों में 75 और 300 सामुदायिक या क्लस्टर-आधारित प्लांट शामिल होंगे, कुल मिलाकर 10,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इंदौर, पुणे, अंबाला, चेन्नई, वाराणसी, सूरत, तिरूपति, विशाखापत्तनम, हैदराबाद सभी संचालित सीबीजी प्लांट्स होने का दावा करते हैं, जबकि सोलापुर, गोवा, नासिक, विजयवाड़ा, हैदराबाद और भोपाल में वेस्ट टु इलेक्ट्रिसिटी प्लांट हैं। 1 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोशी में ‘वेस्ट टु एनर्जी’ प्लांट का उद्घाटन किया। पिंपरी चिंचवाड़ के इस प्लांट में 700 टन प्रति दिन (टीपीडी) सूखे कचरे का उपयोग करके हर दिन 14 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता है। इंदौर में स्थित एशिया का सबसे बड़ा बायो-सीएनजी प्लांट गीले कचरे को बायो-सीएनजी में परिवर्तित करने का प्रशंसनीय प्रयास है। 550 मीट्रिक टीपीडी की प्रोसेसिंग क्षमता के साथ, बायो-सीएनजी प्लांट में प्रतिदिन 17,000 किलोग्राम बायोगैस और 100 टन उच्च गुणवत्ता वाली खाद का उत्पादन करने की क्षमता है। हैदराबाद में बोवेनपल्ली सब्जी बाजार ने बायो-इलेक्ट्रिसिटी, बायो-फ्यूल और बायो-मैन्योर उत्पन्न करने वाली अपनी अभिनव परियोजना के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की है। प्रत्येक दिन, बाज़ार लगभग 10 टन कचरा एकत्र करता है, जो ऐसा न होने पर लैंडफिल में पहुंचाना पड़ता।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य शहरी विकास/सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग के प्रधान सचिव/सचिव, नगर निगम आयुक्त और क्षेत्र के अधिकारी, संबंधित केंद्र सरकार के मंत्रालय, ओजीएमसी के अधिकारी, विकास भागीदार, बायोगैस एसोसिएशन, अकादमिक, अनुसंधान और वित्तीय संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट समन्वयक शोम्बी शार्प, जीआईजेड-इंडिया कंट्री डायरेक्टर डॉ. जूली रेवियर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय सचिव पंकज जैन, पेयजल और जल शक्ति मंत्रालय के स्वच्छता विभाग की सचिव विनी महाजन और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी भी उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।
सम्मेलन में वेस्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं के लिए परिवर्तनकारी नीतियों, भारत में बायोगैस विकास को बढ़ावा देने वाली मौजूदा राष्ट्रीय नीतियों और पहल जैसे SATAT, MDA आदि, सीबीजी सुविधा के लिए राज्य विशिष्ट नीतियों और पहलों पर एमओपीएनजी, एमएनआरई, वित्त मंत्रालय, बायोगैस, जर्मनी, आईएफजीई, सीबीजी प्रोड्यूसर फोरम, जीआईजेड, एडीबी, सिडबी समेत अन्य के वरिष्ठ विशेषज्ञ सलाहकार, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा की जाएगी।
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