Categories: News-Headlines

जल शक्ति मंत्रालय जल को हर किसी का काम बनाने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है: रतन लाल कटारिया

जल शक्ति राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएम) द्वारा आयोजित 27वीं जल वार्ता को संबोधित किया। मंत्रालय द्वाराजल संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने और जल के विवेकसंगतइस्तेमाल के बारे में हितधारकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से वर्चुअलसत्र आयोजित किए जाते हैं। 27वें संस्करण में जल क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और उनके योगदान पर बल दिया गया।राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएम) ने यूएनडीपी के सहयोग से जल क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान के लिए 41 महिला योद्धाओं का चयन किया। 41 में से 6 महिला योद्धाओं को अपनी सफलता गाथा साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

जल शक्ति राज्यमंत्री ने जल वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विभागों और मंत्रालयों को मिलाकर नया जल शक्ति मंत्रालय बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का स्वागत किया क्योंकि पहले के विभाग और मंत्रालय जल क्षेत्र में निष्क्रिय रूप से काम कर रहे थे।इस कदम ने जल क्षेत्र की आम समस्याओं के लिए एक बहुत जरूरी एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान किया है। इस विजन को साकार करने के लिए मंत्रालय ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य लोगों को जल के विवेकसंगत इस्तेमाल के बारे में जागरूक बनाना और प्रत्येक बूंद को संरक्षित करना है।मंत्रालय जनता से जुड़ने और जल को प्रत्येक व्यक्ति का काम बनाने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

मंत्रालय ने पिछले 2 वर्षों में राज्यों से वर्षा जल संचयन के आग्रह के लिए जल शक्ति अभियान-1, जल शक्ति अभियान-कैच द रेन: व्हेयर इट फॉल्स व्हेन इट फॉल्स और 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के पानी का कनेक्शन प्रदान करने जैसे प्रमुख कार्यक्रम और अभियान शुरू किए हैं। राज्य सरकारों के साथ घनिष्ठ सहयोग से गंगा आमंत्रण योजना, ब्रह्मपुत्र आमंत्रण योजना जैसे अनेक जागरूकता अभियान आयोजित किए गए हैं। सरकार के विजन को आगे बढ़ाने के लिए स्वयंसेवकों का शक्तिशाली बल “गंगा प्रहरी” बनाया गया है। जिलों के डीएम, टेक्नोक्रेट, छात्र, महत्वपूर्ण हितधारक आदि के साथ नियमित रूप से वेबिनार आयोजित किए गएहैं।

रतन लाल कटारिया ने बताया कि पारंपरिक रूप से जल की कमी और गिरते भूजल स्तर के कारण महिलाएं परेशानियों का सामना करती रही हैं। औसतनभारत में महिलाएं और लड़कियां घरेलू काम करने में काफी समय (6 घंटे तक) बिताती हैं और पानी इकट्ठा करना इसका एक प्रमुख हिस्सा है।यह दक्षिण अफ्रीका और चीन (ओईसीडी डाटा) में महिलाओं की तुलना में 40 प्रतिशत ज्यादा है। रतन लाल कटारिया ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि उनकी मां को पानी इकट्ठा करने के लिए पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता प्रयोजनों के लिए पानी तक अपर्याप्त पहुंच के साथ-साथ दूर से पानी लाने में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तनाव के कारण समय से पूर्व (अपरिपक्व) जन्म (पीटीबी) की दर में वृद्धि होती है और जन्म के समय नवजात का वजन कम (एलबीडब्ल्यू) होता है।

जल शक्ति राज्यमंत्री ने कहा कि सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं का समाज के कमजोर तबके पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है क्योंकि उन्हें पशुधन और फसल की उपज का नुकसान होता है। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं और इसका गंभीर प्रभाव स्वास्थ्य और पोषण पर प्रभाव पड़ता है। महिलाओं और विशेषकर बालिकाओं पर सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे विकास में बाधा आती है जिसका असर पीढ़ियों तक होता है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसारयह देखा गया कि जिन महिलाओं को शैशव काल में बड़े शुष्क आघात (औसत से कम वर्षा) का अनुभव होता है, उनके होने वाले बच्चे के मानवमितिय विफलता से पीड़ित होने की संभावना 29 प्रतिशत अधिक होती है-जो आयु के लिए ऊंचाई या आयु के लिए वजन आदि मामले में औसत आकार से काफी कम होती है।

जल वार्ता में 6 महिला जल योद्धाओं – मध्य प्रदेश के देवास के गांव नयापुरा की बबीतालिरोलिया, ग्राम अलसीगढ़, उदयपुर की भुरकी बाई, जिला डांग, गुजरात की नीताबेन पटेल, गांव पालिया कलां, जिला लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश की रमनदीप कौर, ग्राम कोताम्बा, जिला वर्धा, महाराष्ट्र की रेणुका कोटंबकर और ग्राम सिगुर, जिला नीलगिरी, तमिलनाडु की वसंता- को सम्मानित किया गया।

रतन लाल कटारिया ने जमीनी स्तर पर महिला जल योद्धाओं के अनुकरणीय योगदान का हवाला देते हुए सभी 41 महिला योद्धाओं को बधाई दी। उन्होंने इन महिला योद्धाओं को जल शक्ति अभियान में शक्ति बताया और सभी प्रतिभागियों से उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। उन्होंने उनकी सफलता की कहानियों को विशिष्ट रूप से दिखाने के लिए राष्ट्रीय जल मिशन को बधाई दी। उन्होंने जल शक्ति अभियान-कैच द रेन अभियान को लोकप्रिय बनाने में तेज प्रगति के लिए राष्ट्रीय जल मिशन के एमडी जी अशोक कुमार को भी बधाई दी और वर्षा जल संचयन के उपायों को प्रारंभ करने में राज्य प्राधिकरणों को आकर्षित करने के लिए बधाई दी।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

Leave a Comment

Recent Posts

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More

8 hours ago

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है शुरुआत

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More

9 hours ago

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More

11 hours ago

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

12 hours ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

13 hours ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

1 day ago

This website uses cookies.