भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज अपने सौर मिशन आदित्य-एल1 का एक महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। अंतरिक्ष यान ने अब एल1 तक पहुंचने की लगभग 110 दिन की यात्रा शुरू कर दी है। इसरो ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि 110 दिन के बाद एक प्रक्रिया के माध्यम से इसे सूर्य और पृथ्वी के बीच एल1 प्वाइंट के आसपास की कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
आदित्य-एल1 पहली भारतीय अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर स्थित लैग्रेंजियन प्वाइंट (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा से सूर्य का अध्ययन करेगा। सूर्य गैस का एक विशाल गोला है और आदित्य-एल1 सूर्य के बाहरी वातावरण का अध्ययन करेगा।
इसरो के अनुसार, L1 प्वाइंट के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में स्थापित अंतरिक्ष यान बिना किसी बाधा के लगातार सूर्य को देखने में सक्षम हो पायेगा। इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर इसके प्रभाव को देखा जा सकेगा।
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