Categories: News-Headlines

भारत और फिजी ने कृषि व सहायक क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और फिजी के कृषि, जलमार्ग व पर्यावरण मंत्री डॉ. महेंद्र रेड्डी ने आज एक वर्चुअल बैठक में भारत और फिजी के बीच कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर, कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि भारत का ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना में विश्वास रहा है। भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी के दौरान भी इसी भावना के साथ सभी देशों की सहायता की। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत से ही कृषि और गांवों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया। इस दिशा में, देश में 1 लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष की स्थापना और 10 हजार एफपीओ का निर्माण जैसे कई ठोस कदम उठाए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये के कर्ज बांटे गए और इसके परिणाम स्वरूप पहले की तुलना में ज्यादा उत्पादन और आमदनी हुई।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि भारत और फिजी के बीच सौहार्दपूर्ण व मैत्रीपूर्ण संबंध परस्पर सम्मान, सहयोग और मजबूत सांस्कृतिक व लोगों के बीच संबंधों पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री मोदी की फिजी की ऐतिहासिक यात्रा और भारत प्रशांत द्वीपीय सहयोग के लिए पहले मंच से भारत के फिजी और प्रशांत क्षेत्र से जुड़ाव को एक नया प्रोत्साहन मिला है। यह एमओयू दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को मजबूती देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा, “खाद्य एवं कृषि का जलवायु परिवर्तन के बीच गहरा संबंध है। दोनों देश इस संबंध में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग कर रहा है। कोरोना महामारी के बावजूद, हमने फिजी के अनुरोध पर यासा चक्रवात से प्रभावित समुदायों की आजीविका बहाल करने के लिए भारत सरकार की तरफ से अनुदान के रूप में फलों और सब्जियों की 14 किस्मों के लगभग 7 टन बीज वितरित किए हैं।”

फिजी के मंत्री डॉ. रेड्डी ने एमओयू को लेकर खुशी जाहिर की और कहा कि दोनों देश इसी भावना के साथ आपसी संबंधों को गतिशील बनाना जारी रखेंगे।

एमओयू डेयरी उद्योग विकास, चावल उद्योग विकास, रूट क्रॉप विविधीकरण, जल संसाधन प्रबंधन, नारियल उद्योग विकास, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकास, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी उद्योग विकास, कृषि अनुसंधान, पशुपालन, कीट एवं रोग, जुताई, मूल्य संवर्धन एवं विपणन, कटाई बाद व मिलिंग, प्रजनन और कृषि विज्ञान के क्षेत्रों में सहयोग उपलब्ध कराता है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और कृषि मंत्रालय, फिजी गणराज्य की सरकार संबंधित पक्षों की तरफ से कार्यकारी एजेंसियां रहेंगी।

एमओयू के अंतर्गत, प्रक्रियाओं और योजना तैयार करने व अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए सहयोग कार्यक्रम सुझाने को एक संयुक्त कार्यकारी समूह की स्थापना की जाएगी। कार्यकारी समूह हर दो साल में एक बार बारी-बारी से भारत और फिजी में अपनी बैठकों का आयोजन करेगा।

एमओयू हस्ताक्षर की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए वैध रहेगा और इस दौरान किसी भी तरह के बदलाव के लिए दोनों ही पक्षों से लिखित में मंजूरी लेनी होगी।

Dheeru Bhargav

Leave a Comment

Recent Posts

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More

5 hours ago

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More

5 hours ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

7 hours ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

9 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

9 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

9 hours ago

This website uses cookies.