भारत की जी20 की अध्यक्षता के तहत कृषि कार्य समूह (AWG) के कृषि प्रतिनिधियों की दूसरी बैठक (एडीएम) आज यानी 29 मार्च को चंडीगढ़ में शुरू हुई। यह दिन कृषि बाजार सूचना प्रणाली (एएमआईएस) के रैपिड रिस्पांस फोरम (आरआरएफ) को समर्पित था और इसकी शुरुआत वरिष्ठ आर्थिक और सांख्यिकीय सलाहकार, भारत सरकार अरुण कुमार की स्वागत टिप्पणी से हुई। उन्होंने आरआरएफ के 12वें सत्र में सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और समय की मांग के अनुसार समय पर साक्ष्य-आधारित नीति बनाने के बारे में बात की ताकि खाद्यान्न की ऊंची कीमतों की चिंता को दूर किया जा सके। सत्र का उद्घाटन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अपर सचिव डॉ. अभिलाक्ष लिखी की टिप्पणी से हुआ, जहां उन्होंने उल्लेख किया कि जी20 का मुख्य उद्देश्य एक जलवायु स्मार्ट दृष्टिकोण, समावेशी कृषि मूल्य श्रृंखला और खाद्य प्रणाली, और कृषि परिवर्तन के लिए डिजिटलीकरण के साथ खाद्य सुरक्षा और पोषण, टिकाऊ कृषि की वर्तमान चुनौती पर आम सहमति बनाना है। डॉ. लिखी ने प्रधानमंत्री मोदी की मिशन लाइफ की कल्पना पर जोर दिया, जिसके माध्यम से हर कोई जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान दे सकता है।
आरआरएफ की अध्यक्षता एएमआईएस के अध्यक्ष सेठ मेयर ने की, उन्होंने वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर वर्तमान स्थिति और उसी पर एएमआईएस के योगदान के बारे में बात की। कृषि विभाग में अपर सचिव डॉ. प्रमोद कुमार मेहरदा ने भारत के उदाहरण देते हुए, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आर्किटेक्चर की आवश्यकता के बारे में बात की जो मानकीकृत और गैर-मालिकाना है। इससे एएमआईएस को उत्पादन अनुमानों, आपूर्ति और खपत पर विश्वसनीय और वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी ताकि देशों को खाद्य बाजारों में झटकों और अस्थिरता का तुरंत जवाब दिया जा सके। इसके बाद उन्होंने ‘खाद्य बाजार की स्थिति और संभावना’ पर एएमआईएस के पहले और दूसरे सत्र के वक्ताओं का परिचय दिया, जो क्रमशः वैश्विक खाद्य बाजारों की वर्तमान स्थिति और 2023 के लिए एक दृष्टिकोण प्रदान करने और 2022 में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों को उजागर करने वाली एएमआईएस की स्थिति और 2023 के लिए किसी भी तरह के नए विकास पर आधारित था।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव रितेश चौहान ने तीसरे और चौथे सत्र के लिए वक्ताओं का परिचय दिया। तीसरा सत्र एएमआईएस पहल के भविष्य के विकास की कल्पना पर केन्द्रित था और चौथा सत्र क्षमता निर्माण की जरूरतों और रणनीतियों की पहचान पर आधारित था।
कृषि विभाग में संयुक्त सचिव सैमुअल प्रवीन कुमार ने पांचवें और छठे सत्र के लिए वक्ताओं का परिचय दिया। पांचवां सत्र क्षेत्रीय और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में एशिया की भूमिका पर केन्द्रित था और छठे सत्र की चर्चा आयात करने वाले देशों पर वित्तीय कारकों के प्रभाव पर थी। सैमुअल प्रवीन कुमार ने जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और भोजन की बर्बादी की चुनौतियों से निपटने के लिए जलवायु अनुकूल कृषि में क्षेत्रीय सहयोग और निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment