ईपीएफओ द्वारा 20 जनवरी, 2022 को जारी किए गए अनंतिम पेरोल आंकड़ों में इस बात को रेखांकित किया गया है कि ईपीएफओ ने नवंबर, 2021 माह के दौरान 13.95 लाख नेट सब्सक्राइबर को जोड़ा है, जिसमें पिछले माह अक्टूबर, 2021 की तुलना में लगभग 2.85 लाख पेरोल की बढ़ोत्तरी हुई है, जिसकी वृद्धि दर 25.65 प्रतिशत है। पेरोल आंकड़ों की साल-दर-साल तुलना करने से पता चलता है नवंबर, 2021 में कुल पेरोल में लगभग 3.84 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि पिछले वर्ष नवंबर, 2020 के दौरान 10.11 लाख नेट सब्सक्राइबर को जोड़ा गया था।
इस माह के दौरान कुल 13.95 लाख नेट सब्सक्राइबर में से 8.28 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा कवर के अंतर्गत आए हैं। लगभग 5.67 लाख नेट सब्सक्राइबर बाहर निकल गए थे लेकिन ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों में अपनी नौकरी बदलकर फिर से ईपीएफओ से जुड़ गए हैं। इन ग्राहकों ने अंतिम निकासी के लिए आवेदन करने के बदले पिछली नौकरी से प्राप्त हुई अपनी पीएफ धनराशि को वर्तमान पीएफ खाते में स्थानांतरित कर ईपीएफओ के साथ अपनी सदस्यता जारी रखने का विकल्प चुना।
पेरोल से संबंधित आंकड़ों के आयु-वार विश्लेषण से पता चलता है कि 22 से 25 वर्ष के आयु वर्ग ने नवंबर, 2021 के दौरान 3.64 लाख अनुवृद्धि के साथ सबसे अधिक नामांकन दर्ज कराया है। इसके बाद लगभग 2.81 लाख नामांकनों की अनुवृद्धि के साथ 18 से 21 आयु वर्ग के युवाओं का स्थान है। 18 से 25 वर्ष के आयु समूहों ने नवंबर, 2021 में कुल ग्राहक वृद्धि में लगभग 46.20 प्रतिशत का योगदान दिया है। इन आयु-समूहों के सदस्य आमतौर पर पहली बार नौकरीपेशा बने होते हैं और कमाई के मामले में किसी व्यक्ति की क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण चरण का संकेत देते हैं।
पेरोल के आंकड़ों का राज्य-वार विश्लेषण इस तथ्य को रेखांकित करता है कि ईपीएफओ के दायरे में शामिल महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक के प्रतिष्ठान महीने के दौरान लगभग 8.46 लाख ग्राहकों को जोड़कर सबसे आगे हैं, जो कि पेरोल में सभी आयु वर्ग की कुल अनुवृद्धि का लगभग 60.60 प्रतिशत है।
लैंगिक आधार पर किया गया विश्लेषण यह संकेत देता है कि महीने के दौरान महिला नामांकन का शुद्ध हिस्सा 2.95 लाख है, जो अक्तूबर, 2021 के पिछले महीने के दौरान जोड़े गए ग्राहकों की तुलना में लगभग 59,005 अधिक है और अक्टुबर, 2021 माह की तुलना में महिला नामांकन का हिस्सा कुल नेट सब्सक्राइबर की संख्या में लगभग 24.97 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है।
पेरोल का उद्योग-वार आंकड़ा यह संकेत देता है कि महीने के दौरान कुल ग्राहकों की अनुवृद्धि में ‘विशेषज्ञ सेवाओं’ की श्रेणी (श्रमशक्ति उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों, निजी सुरक्षा एजेंसियों और छोटे ठेकेदारों आदि को मिलाकर) का योगदान 41.48 प्रतिशत का है। इसके अलावा भवन और निर्माण उद्योग, वस्त्र, स्कूल, रेस्तरां, सीमेंट आदि जैसे उद्योगों में संबंधित पेरोल में कुल वृद्धि की प्रवृत्ति देखी गई है।
पेरोल से संबंधित यह आंकड़ा अनंतिम है क्योंकि आंकड़े तैयार करते रहना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड लगातार अपडेट किए जाते हैं। इसलिए पिछले आंकड़े प्रत्येक माह अपडेट किए जाते हैं। मई, 2018 से ईपीएफओ नवंबर, 2017 से आगे की अवधि को शामिल करते हुए पेरोल से संबंधित आंकड़े जारी करता आ रहा है।
कोविड महामारी के कठिन समय में, ईपीएफओ अपने हितधारकों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह एक नवाचार संचालित सामाजिक सुरक्षा संगठन बनने के अपने दृष्टिकोण की पुष्टि करता है, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से निरंतर और निर्बाध सेवाओं का वितरण सुनिश्चित करना है।
आजकल सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग को ध्यान में रखते हुए, ईपीएफओ अपने ग्राहकों की सहायता करने और उनके मुद्दों का समाधान करने के लिए ट्विटर, व्हाट्सएप और फेसबुक पर उपलब्ध है।
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