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ECI ने इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम 2022 की मेजबानी की

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज लगभग 32 देशों के चुनाव प्रबंधन संगठनों (ईएमबी) और चार अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लिए इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम (आईईवीपी) की वर्चुअल माध्यम से मेजबानी की। ऑनलाइन भाग ले रहे 150 से ज्यादा ईएमबी प्रतिनिधियों के सामने वर्तमान में गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों का एक सामान्य खाका प्रस्तुत किया गया। भारत में नौ देशों के राजनयिक कॉर्प्स के राजदूतों/उच्चायुक्तों और अन्य सदस्यों ने भी आज वर्चुअल आईईवीपी 2022 में भाग लिया।

भारत 2012 के चुनावों से ही इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम (आईईवीपी) की मेजबानी कर रहा है, जहां अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को मतदान केंद्रों के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया जाता है और उन्हें मौजूदा चुनावी प्रक्रियाओं से व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया जाता है। कोविड महामारी के चलते लागू यात्रा प्रतिबंधों के दौरान भी, भारत में आईईवीपी को बंद नहीं किया गया और नए वर्चुअल माध्यम से इसे आयोजित किया गया। आज आधे दिन तक चले सत्र के दौरान, प्रतिभागियों को पांच राज्यों से आई चुनावी गतिविधियों के रिकॉर्डेड वीडियो दिखाए गए। साथ ही, आज चुनावी प्रक्रिया के विस्तृत ब्रीफिंग सत्र के साथ वाराणसी, उत्तर प्रदेश में मतदान केंद्रों से चुनावी गतिविधियों का सीधा प्रसारण किया गया। समापन सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त ने प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और ए-वेब के चेयरपर्सन सुशील चंद्रा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते चुनाव कराने में सामने आईं कई लॉजिस्टिक संबंधी चुनौतियों के बावजूद भारत ने एक बार फिर 690 विधानसभाओं में 18.34 करोड़ मतदाताओं के साथ पांच राज्यों में चुनाव संपन्न कर लिया है। इस प्रकार हमारी चुनाव प्रणाली ज्यादा समावेशी, सुलभ और भागीदारी के रूप में सामने आई है। वरिष्ठ नागरिकों, पीडब्ल्यूडी और महिला मतदाताओं को सहूलियत देने के लिए भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा की गईं कई पहलों को रेखांकित करते हुए उन्होंने मतदाताओं की विभिन्न श्रेणियों से जुड़ी चुनौतियों से पार पाने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा लागू नवीन और स्थानीय समाधानों को प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में जारी चुनावों के लिए 1.1 करोड़ से ज्यादा नए मतदाता जोड़े गए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पीडब्ल्यूडी मतदाताओं के लिए डाक मतदान सुविधा का विस्तार करके वास्तव में ईसीआई मतदाताओं के द्वार तक पहुंच गया है एवं उसके प्रयासों के चलते पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की चुनाव में भागीदारी बढ़ी है। उदाहरण के लिए, उत्तराखंड में 67.2 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 62.6 प्रतिशत रहा। वहीं गोवा में 80.96 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 78.19 प्रतिशत रहा।

अनूप चंद्रा ने बताया कि कोविड के सामाजिक दूरी के मानकों और मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या में कमी को देखते हुए पांच राज्यों में कुल 2.15 लाख से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए गए, जो 2017 के चुनाव की तुलना में 31,000 मतदान केंद्र ज्यादा हैं। ‘कोई मतदाता पीछे न छूटे’ का उद्देश्य सुनिश्चित करते हुए, हमारे मतदान कर्मचारियों ने उत्तराखंड में दुर्गम इलाके और बर्फ से ढके क्षेत्र पार किए और मणिपुर के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में भी पहुंचे। यहां तक कि मतदान टीमों को इन क्षेत्रों में एयरलिफ्ट किया गया या वे पैदल चलकर पहुंचीं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए गए। चुनावी प्रक्रिया को दुष्प्रचार से बचाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट्स पर नजर रखी गई। खर्च पर नजर रखने वाली टीमों ने प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित किया।

सीईसी ने अपने संबोधन में कोविड-19 के जोखिम को दूर करने के लिए ईसीआई द्वारा पांच राज्यों के चुनाव के दौरान किए गए कई विशेष बदलावों और मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र को एक सुरक्षित स्थान बनाए जाने को भी रेखांकित किया गया। चुनाव के ज्यादातर समय के दौरान वर्चुअल माध्यम से प्रचार हुआ, चुनावी राज्यों में पूर्ण टीकाकरण की स्थिति पर जोर दिया गया, स्वास्थ्य अधिकारियों ने नियमित संवाद किया, जिससे ईसीआई को कोविड सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने में मदद मिली।

कोविड-19 महामारी से जुड़ी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि आयोग का तीन व्यापक उद्देश्यों- कोविड सुरक्षित चुनाव, परेशानी मुक्त सहज मतदान अनुभव और अधिकतम मतदाता भागीदारी के साथ काम करने का लक्ष्य है। कोविड सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईसीआई द्वारा उठाए गए विशेष कदमों का वर्णन करते हुए, उन्होंने कहा कि आयोग ने उम्मीदवारों और दलों के प्रचार के अधिकार के बीच संतुलन के लिए क्रमबद्ध तरीके से प्रतिक्रिया दी गई और कोविड-19 के हालात में मतदाताओं और मतदान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। मौजूदा चुनावों में मतदाताओं की विभिन्न श्रेणियों के लिए दी गई सुविधा को रेखांकित करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि ईसीआई लगभग 5.3 लाख सेवारत मतदाताओं, 13 लाख पीडब्ल्यूडी मतदाताओं और बड़ी संख्या में बुजुर्ग मतदाताओं तक पहुंचा।

प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे ने पिछले 70 साल में मुक्त, निष्पक्ष, पारदर्शी और नीतिपरक चुनाव संपन्न कराने के गौरवशाली सफर में आदर्श आचार संहिता, चुनाव पर्यवेक्षकों की तैनाती की व्यवस्था, ईवीएम-वीवीपीएटी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को अपनाने सहित कई बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने चुनाव में भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वीप के माध्यम से वोटर संपर्क और विभिन्न श्रेणियों के मतदाताओं के लिए आसान मतदाता पंजीकरण एवं सहूलियत सुनिश्चित करने के लिए मतदाता अनुकूल मतदान केंद्रों के बारे में एक अवलोकन दिया गया।

ईसीआई में इंडिया ए-वेब सेंटर के महासचिव और प्रमुख उमेश सिन्हा ने भारतीय चुनाव आयोग की दुनिया भर की चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के साथ भागीदारी पर एक अवलोकन देते हुए कहा कि यह आईईवीपी कार्यक्रम विचारों के आदान प्रदान और विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन क्षेत्र के अनुभवों, सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं और कौशलों को साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है। इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम भारत में संवाद करता है और पहल करता है। साथ ही अपनी विशेष जरूरतों के लिहाज से अनुकूल सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए एक दूसरे के अनुभवों से सीखता है।

ऑस्ट्रेलिया, बहामास, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, क्रोएशिया, इथिओपिया, फिजी, जॉर्जिया, गिनी, गुयाना, केन्या, लाइबेरिया, मालदीव, मॉरिशस, मालडोवा, मंगोलिया, म्यांमार, फिलीपींस, रोमानिया, सेशेल्स, सिएरा लिओन, सोलोमन आइलैंड्स, दक्षिण कोरिया, सूरीनाम, तंजानिया और उज्बेकिस्तान सहित दुनिया भर के लगभग 32 देशों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधि और इंटरनेशनल आइडिया, इंटरनेशनल फाउंडेशन ऑफ इलेक्टोरल सिस्टम्स (आईएफईएस), एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (ए-वेब) और कम्युनिटी ऑफ डेमोक्रेसीज सहित 4 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने आज आईईवीपी 2022 में भाग लिया। कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज के महासचिव जॉनग्युन चोए, ऑस्ट्रेलिया, भूटान, बांग्लादेश, ब्राजील, फिजी, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और स्विट्जरलैंड के उच्चायुक्तों और राजनयिकों ने भाग लिया।

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