रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO) ने अपनी प्रयोगशालाओं और प्रतिष्ठानों में व्याख्यानों और ओपन हाउस गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2023 मनाया। नई दिल्ली में डीआरडीओ भवन में रक्षा विज्ञान फोरम द्वारा एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने इस समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी मुख्य अतिथि थे, साथ ही रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ जी सतीश रेड्डी भी उपस्थित थे।
इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय ‘ग्लोबल साइंस फ़ॉर ग्लोबल वेल बीइंग’ था। डीआरडीओ के अध्यक्ष ने इस अवसर पर वैज्ञानिक समुदाय को बधाई दी और सेवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद/ प्रौद्योगिकी प्रदान करने के लिए विज्ञान के प्रति प्रतिबद्धता के महत्व के बारे में बातचीत की।
इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा कि अपनी तरह के पहले उत्पादों को विकसित करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान बहुत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधारभूत विज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए ताकि नई अत्याधुनिक तकनीकों और प्रणालियों को विकसित किया जा सके।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक ने ‘इंटरनेशनल कोलैबोरेशन इन साइंस एंड इंजीनियरिंग- ए व्यू फ्रॉम आईआईटी दिल्ली’ पर एक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने वैश्विक भलाई के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने की आवश्यकता एवं आइडिया को मूर्त रूप देने के लिए एक सक्षम इकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डीआरडीओ और आईआईटी दिल्ली के सफल संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम पर प्रकाश डाला, जिससे अनुसंधान के क्षेत्र में कामयाब कोशिशें हुई हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि डीआरडीओ को अनुसंधान के प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में एक उत्प्रेरक एवं सूत्रधार के रूप में कार्य करना चाहिए।
डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं/प्रतिष्ठानों से कुल 39 व्याख्यान पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से तीन पत्रों को डीआरडीओ विज्ञान दिवस समारोह में प्रस्तुति के लिए चुना गया। हैदराबाद से हरि सिंह, वैज्ञानिक ‘एफ’, बेंगलुरु से लक्ष्मण मवानी, वैज्ञानिक ‘ई’ और दिल्ली से कुमार व्योंकेश मणि, वैज्ञानिक ‘ई’ ने रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में अपने-अपने कार्य क्षेत्रों पर प्रस्तुतियां दीं।
डॉ बनर्जी ने वक्ताओं को उनकी प्रस्तुति के लिए पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर डीआरडीओ विज्ञान स्पेक्ट्रम, जो विभिन्न डीआरडीओ प्रयोगशालाओं/प्रतिष्ठानों से प्राप्त (राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2023 के लिए) सभी वैज्ञानिक पत्रों का संकलन है, भी जारी किया गया।
सर चंद्रशेखर वेंकट रमन द्वारा 1928 में ‘रमन इफेक्ट’ की खोज के उपलक्ष्य में हर साल दिनांक 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है, इसी उपलब्धि के कारण उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । इस दिन को मनाने का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच को बढ़ाना विज्ञान को लोकप्रिय बनाना और जनता में वैज्ञानिक स्वभाव का संचार करके और एक सकारात्मक वैज्ञानिक अनुसंधान संस्कृति का निर्माण कर नवीन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
डिफेंस साइंस फोरम (डीएसएफ) डीआरडीओ का एक मंच है जहां विभिन्न विषयों की वैज्ञानिक फैलोशिप को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक चर्चा करते हैं, साथ ही विभिन्न विषयों की प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और सभी अंतर-अनुशासनात्मक परियोजनाओं, जहां विशेषज्ञ राय की आवश्यकता होती है, की व्यवहार्यता और योजना का निर्माण करते हैं।
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