संसद ने जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी है। आज लोकसभा में यह विधेयक बिना चर्चा पारित किया गया, जबकि राज्यसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। यह विधेयक जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम अधिनियम 1961 का स्थान लेगा। विधेयक में जमाकर्ताओं को उनकी बीमित जमा राशि तक समयबद्ध तरीके से पहुंच प्रदान करने का प्रावधान है। यदि बैंक में जमा राशि प्रतिबंधित हो जाती है तो निगम अंतरिम आधार पर जमाकर्ताओं को बीमित जमा राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा और 90 दिनों के भीतर जमाकर्ताओं को बीमित राशि का भुगतान करना होगा।
विधेयक के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य छोटे जमाकर्ताओं की सहायता करना है। इस विधेयक के पारित हो जाने से पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक, श्रीगुरू राघवेन्द्र सहकार बैंक और अन्य बैंकों के जमाकर्ताओं को लाभ होगा। बीमा कवर की सीमा एक लाख से बढाकर पांच लाख कर दी गई है।
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