प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चार दिन की ब्राज़ील यात्रा सम्पन्न हो गई है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों को सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन संस्थाओं में शासन व्यवस्था, मताधिकार और नेतृत्व परिवर्तन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास, संसाधनों के वितरण और सुरक्षा के मामले में ग्लोबल साउथ के देशों को प्राय: भेदभाव का सामना करना पड़ता है और नीति-निर्माण में ग्लोबल साउथ के देशों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों के हितों को समुचित महत्व नहीं दिया गया है, इसलिए इन देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए धन, सतत विकास और प्रौद्योगिकी उपलब्धता जैसे मुद्दों पर केवल आश्वासन दिये जाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका वाले कई देशों को भी वैश्विक संस्थाओं की निर्णयकारी प्रक्रिया में शामिल किया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि बात केवल इन संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि भरोसे और असर की भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ के बगैर वैश्विक संस्थाएं एक ऐसे मोबाइल फोन की तरह हैं जिसके सिम में नेटवर्क नहीं है।
ग्लोबल साउथ अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमरीका के अल्प विकसित देशों को कहा जाता है।
उधर, एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी घोषणा-पत्र में, जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल के आतंकी हमले की कड़ी निन्दा की गई है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि ब्रिक्स देश सीमा-पार आतंकवाद, आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने और आतंकियों को पनाह देने सहित हर प्रकार के आतंकवाद से निपटने के लिए संकल्पित है। ब्रिक्स नेताओं ने आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने और आतंकवाद के मामले में दोहरे मानदण्ड अपनाने की प्रवृत्ति को खारिज करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने कहा पर्यावरणीय और वैश्विक स्वास्थ्य परस्पर जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से प्रकृति की पूजा होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की रोकथाम भारत के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष भारत के ब्रिक्स का अध्यक्ष बनने पर सहयोग और सतत विकास को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी ब्राज़ीलिया में, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला द सिल्वा से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाकर बीस अरब डॉलर किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति सिल्वा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देश मर्कोसुर व्यापार समझौते का दायरा बढ़ाने के लिए काम करेंगे ताकि इसमें और अधिक उत्पादों को शामिल किया जा सके तथा भारतीय निर्यातकों के लिए बाज़ार की उपलब्धता बढ़ाई जा सके। मर्कोसुर समझौते में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, पराग्वे और उरुग्वे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा भी की कि भारत, ब्राज़ील में भी डिजिटल भुगतान के लिए यू.पी.आई. व्यवस्था लागू करने में सहयोग करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल सावर्जनिक ढांचे, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि तकनीक और मूल्यवर्धित खाद्य निर्यात के क्षेत्रों में ब्राज़ील के साथ सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को ब्राज़ील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस‘ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति सिल्वा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान दोनों देशों के संबंधों को प्रगाढ़ करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मंचों पर भारत-ब्राज़ील संबंधों को बढा़वा देने में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
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