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मन की बात की 76वीं कड़ी में प्रधानमंत्री के सम्बोधन का मूल पाठ (25.04.2021)

अभी कुछ दिन पहले ही आपसे मन की बात करने का अवसर मिला था

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार । आज आपसे ‘मन की बात’, एक ऐसे समय कर रहा हूँ जब कोरोना, हम सभी के धैर्य, हम सभी के दुःख बर्दाश्त करने की सीमा की परीक्षा ले रहा है । बहुत से अपने, हमें, असमय, छोड़ कर चले गए हैं । कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद देश हौंसले से भरा हुआ था, आत्मविश्वास से भरा हुआ था, लेकिन इस तूफ़ान ने देश को झकझोर दिया है ।

साथियो, बीते दिनों इस संकट से निपटने के लिए, मेरी, अलग-अलग sectors  के expert के साथ, विशेषज्ञों के साथ लम्बी चर्चा हुई है । हमारी farma- industry के लोग हों, vaccine manufacturers हों oxygen के production से जुड़े लोग हों या फिर medical field के जानकार, उन्होंने, अपने महत्वपूर्ण सुझाव सरकार को दिए हैं । इस समय, हमें इस लड़ाई को जीतने के लिए, experts और वैज्ञानिक सलाह को प्राथमिकता देनी है । राज्य सरकार के प्रयत्नों को आगे बढ़ाने में भारत सरकार पूरी शक्ति से जुटी हुई है । राज्य सरकारें भी अपना दायित्व निभाने की पूरी कोशिश कर रही हैं ।

साथियो, कोरोना के खिलाफ इस समय बहुत बड़ी लड़ाई देश के डॉक्टर और health workers लड़ रहे हैं । पिछले एक साल में उन्हें इस बीमारी को लेकर हर तरह के अनुभव भी हुए हैं । हमारे साथ, इस समय, मुम्बई से प्रसिद्द डॉक्टर शशांक जोशी जी जुड़ रहे हैं ।

डॉक्टर शशांक जी को कोरोना के इलाज और इससे जुड़ी research का बहुत जमीनी अनुभव है, वो, Indian College of Physicians के Dean भी रह चुके हैं । आइए बात करते हैं डॉक्टर शशांक से

मोदी जी – अभी कुछ दिन पहले ही आपसे बात करने का अवसर मिला था । आपके विचारों की स्पष्टता मुझे बहुत अच्छी  लगी थी । मुझे लगा देश के सभी नागरिको को आपके विचार जानने चाहिए । जो बातें सुनने में आती उसकी को मैं एक सवाल के रूप में आपके सामने प्रस्तुत हूँ । डॉ० शशांक – आप लोग इस समय दिन रात जीवन रक्षा के काम में लगे हुए हैं, सबसे पहले तो मैं चाहूँगा कि आप second wave  के बारे में लोगों को बताएं । medically  ये कैसे अलग है और क्या-क्या सावधानी जरूरी है ।

डॉ० शशांक – धन्यवाद सर, ये जो दूसरी बाढ़ (wave) आई है । ये तेजी से आई है, तो जितनी पहली बाढ़ (wave) थी उससे ये  virus  ज्यादा तेज चल रहा है, लेकिन अच्छी बात ये है कि उससे ज्यादा रफ़्तार से recovery  भी है और मृत्यु दर काफी कम हैं । इसमें दो- तीन फर्क है, पहली तो ये युवाओं में और बच्चो में भी थोड़ा दिखाई दे रहा है । उसके जो  लक्षण है, पहले जैसे लक्षण थे साँस चढ़ना, सूखा खाँसी आना, बुखार आना ये तो सब है ही और उसके साथ थोड़ा गंध जाना, स्वाद चला जाना ये भी है । और लोग थोड़े भयभीत हुए हैं । भयभीत होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है । 80-90 प्रतिशत लोगों में इसमें कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, ये mutation-Mutation जो बोलते हैं, घबराने की बात नहीं है ।  ये mutation होते रहते हैं जैसे हम कपड़े बदलते हैं वैसे  virus  भी अपना रंग बदल रहा है और इसलिए बिलकुल डरने की बात नहीं है और ये wave  को हम पार कर देंगे ।  wave  आती जाती है, और ये  virus  आते जाते रहता है तो यही अलग-अलग लक्षण है और medically हमको सतर्क रहना चाहिए । एक 14 से 21 दिन का ये covid का time table है इसमें वैद्य (डॉक्टर) की सलाह लेना  चाहिये ।

 

PIB

vikal as

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