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2025 तक पेट्रोल के साथ E20 सम्मिश्रण प्राप्त करने से देश के लिए प्रति वर्ष लगभग 30000 करोड़ रूपए की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी: हरदीप एस. पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप एस. पुरी ने कहा, “भारत आपूर्ति पक्ष की ओर से ई20 लॉन्च करने के लिए तैयार है और ई20 ईंधन अप्रैल 2023 से उपलब्ध होगा। 20 प्रतिशत सम्मिश्रण का लक्ष्य 5 साल पहले यानी 2030 से घटाकर 2025 तक कर दिया गया है।” हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है।

मंत्री ने जैव ईंधन पर सियाम के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन – सतत भविष्य की ओर एक मार्ग में “जैव ईंधन के लिए एक विशाल छलांग – इथेनॉल सम्मिश्रण और एसएएटीएटी योजना” पर आधारित सत्र में सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में भारत में ब्राजील के राजदूत आंद्रे अरन्हा कोरिया डो लागो, और ऊर्जा तथा वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मंत्री ने वाहन निर्माताओं को आश्वासन दिया कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और सबसे मजबूत प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, फ्लेक्स-ईंधन और ई20-अनुकूल वाहनों के लिए उपभोक्ता मांग की गारंटी होगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जैसा कि दोहराया है, फ्लेक्स-ईंधन ई10 और ई20 वाहनों की बिक्री को वाहन उद्योग के लिए एक व्यवहार्य व्यावसायिक प्रस्ताव बनाने के लिए आपूर्ति, नीति और मांग पक्ष की ओर से व्यापक समर्थन प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आर्थिक विकास हासिल करने, खासकर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए, भारत के घरेलू ऊर्जा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने, वायु प्रदूषण को कम करने और भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में दुनिया का नेतृत्व करने में मदद करने के लिए बड़े अवसरों को उत्पन्न किया है।

इस पृष्ठभूमि में, जैव ईंधन के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के लिए 2018 में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति लागू की गई थी। हरदीप एस. पुरी ने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल-मिश्रण प्रतिशत 2013 में 0.67% से बढ़कर मई 2022 में 10% हो गया, यानी निर्धारित समय से 5 महीने पहले यह लक्ष हासिल कर लिया गया।

मंत्री ने आगे कहा कि नीति ने 2.7 मिलियन टन सीओ2 उत्सर्जन में कमी और 50,000 करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत की है। 2025 तक पेट्रोल के साथ ई20 सम्मिश्रण प्राप्त करने से देश के लिए प्रति वर्ष लगभग 30,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि जैव ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंपों की संख्या 2016-17 में 29897 से लगभग तीन गुना बढ़कर 2021-22 में 67641 हो गई है। भारत में एथेनॉल की मांग 2025 तक बढ़कर 10.16 अरब लीटर होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान, हरदीप एस. पुरी ने देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने 2जी बायोरिफाइनरी (सब्सट्रेट के रूप में कृषि अपशिष्ट का उपयोग करके) के बारह वाणिज्यिक संयंत्रों और दस प्रदर्शन संयंत्रों का उल्लेख किया, जिन्हें प्रधानमंत्री जी-वन (जैव इंधन-वातावरन अनुकूल फसल अवशेष निवारण) योजना के तहत पर्याप्त बायोमास आपूर्ति वाले क्षेत्रों में बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने एशिया की 2जी इथेनॉल बायोरिफाइनरी के बारे में भी बताया, जिसका अगस्त, 2022 में पानीपत, हरियाणा में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया था।

मंत्री ने कहा कि भारत जी20 की अपनी अध्यक्षता के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील के साथ जैव ईंधन पर एक वैश्विक गठबंधन भी शुरू कर रहा है।

मंत्री ने सतत जैसी पहलों के साथ सीबीजी जैसी जैव-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के बारे में भी बात की, जिसके तहत 37 सीबीजी संयंत्रों को चालू किया गया है, और लगभग 9000 टन कंप्रैस बायो-गैस की बिक्री की गई है।

हरदीप एस. पुरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आयातित पेट्रोलियम ईंधन को जैव ईंधन और प्राकृतिक गैस के साथ सीबीजी के साथ प्रतिस्थापित करके सरकार द्वारा बचाई गई विदेशी मुद्रा का उपयोग ईवीएस जैसी अन्य कम कार्बन गतिशीलता प्रौद्योगिकियों को सब्सिडी देने के लिए किया जा रहा है, जैसे ईवीएस, जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का एक स्व-मजबूत लूप बनाते हैं। अब तक देश भर में ओएमसी द्वारा 4003 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 72 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ओएमसी ने 2024 तक देश भर के प्रमुख शहरों और राजमार्गों में 20000 ईवीसीएस स्थापित करने की भी योजना बनाई है।

मंत्री ने भारतीय वाहन निर्माताओं से आह्वान किया कि उन्हें कार्बन मुक्त परिवहन को वास्तविकता बनाने के लिए स्थिरता के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। भारत चरण VI अपनाने के दौरान देखी गई तेज बदलाव को जैव ईंधन अपनाने की पहल के लिए दोहराने की जरूरत है।

अपनी समापन टिप्पणी में, हरदीप एस. पुरी ने भारत के प्रमुख ओएमसी और रिफाइनरियों से वाहन उद्योग को सहायता का आश्वासन दिया, जिनकी संयुक्त विपणन, रिफाइनिंग और अनुसंधान और विकास क्षमताएं सहयोग को तेज कर सकती हैं।

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