विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि 2014 से जून 2023 तक 13 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार इस साल जून तक 87 हजार से अधिक लोगों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी है। भारतीय नागरिकों द्वारा वैश्विक कार्यस्थल की खोज करना पिछले दो दशकों में महत्वपूर्ण रहा है। कई नागरिकों ने व्यक्तिगत सुविधा के कारण विदेशी नागरिकता लेने का विकल्प चुना है। यह बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ने के लिए मेक इन इंडिया ने कई पहल की हैं और प्रवासी भारतीयों की प्रतिष्ठा का उपयोग राष्ट्रीय लाभ के लिए किया गया है।
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