भारत और चीन के बीच एलएसी पर विवाद को बातचीत के माध्यम से खत्म कर शांति बहाली के पक्ष में बनी सहमति आज अधिकांश अखबारों की सुर्खियां बनी हैं। जनसत्ता ने लिखा है – सैन्य वार्ता में भारत ने चीन से कहा, तनाव वाले क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी हो। कल सुबह से शुरू हुई वार्ता कल देर रात संपन्न होने पर अमर उजाला लिखता है – सैन्य वार्ता में दो टूक, भारत ने कहा – सभी मुद्दों का तुरंत समाधान जरूरी।
देश के 75वें स्वाधीनता उत्सव के साथ एक और अहम जिम्मेदारी को लोकसत्य ने बड़े अक्षरों में लिखा है – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज से अध्यक्ष होगा भारत। अस्थाई अध्यक्ष बनने के बाद से आज भारत की प्रतीक्षा पूरी हुई। दैनिक ट्रिब्यून और हरिभूमि ने भी इस खबर को महत्व दिया है। राष्ट्रीय सहारा ने लिखा है – समुद्री सुरक्षा, शांति रक्षा और आतंकवाद रोकने पर विशेष कार्यक्रमों की मेजबानी को भारत तैयार।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना और श्रेष्ठ भारत का ध्वज वाहक बनने की नए पुलिस अधिकारियों को सलाह लगभग सभी अखबारों के मुख पृष्ठ पर हैं।
जनसत्ता और अमर उजाला ने कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी को बड़े अक्षरों में लिखा है – पुलवामा हमले की साजिश में शामिल और मसूद अजहर का रिश्तेदार जैश का आतंकवादी ढेर।
राष्ट्रीय सहारा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदेश के दिवंगत हुए पत्रकारों के परिवारों को सहायता राशि सौंपने की खबर चित्र सहित दी है।
नवभारत टाइम्स ने बड़े अक्षरों में लिखा है – सावधान, बढ़ने लगे हैं कोरोना के मामले। भारत में एक हफ्ते में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी। अखबार लिखता है – दो महीने पहले मास्क हटाने वाले अमरीका में एक दिन में एक लाख केस।
ओलिंपिक में भारत की महिला शक्ति का प्रदर्शन आशा और उम्मीद के बीच झूलते खिलाडि़यों के प्रदर्शन को भी सभी अखबारों ने अहमियत दी है।
लगभग सभी अखबारों ने 105 वर्षीया वयोवृद्ध अंतर्राष्ट्रीय एथलीट मान कौर के देहांत की खबर उनकी उपलब्धियों के साथ दी हैं। दैनिक ट्रिब्यून ने 2020 में राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण करती मान कौर का चित्र दिया है।
जनसत्ता ने विशेष आलेख में प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया है। पत्रलिखता है – जलवायु प्रणाली में कई अंतर संबंधों का नतीजा, मौसमी परिस्थितियां भी तेजी से बदल रही हैं। पत्र ने शीर्षक दिया है – पूरी दुनिया में इस साल बदला मौसम का मिजाज।
राजस्थान पत्रिका ने अपने आलेख में विस्तार से ऑन लाइन मोबाइल गेम से होने वाले खतरों के प्रति सावधान किया है। अखबार ने अभिभावकों को सावधान करते हुए लिखा है – ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर बच्चों के हाथ मोबाइल पहुंचा लेकिन माता-पिता को पता भी नहीं चलता और बच्चे ऑनलाइन गेम्स के खतरों से लापरवाह होकर उसमें शामिल हो रहे हैं।
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