खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के तहत 2989 लाभार्थियों के लिए 100.16 करोड़ रुपये का मार्जिन मनी अनुदान जारी किया। इन लाभार्थियों को हरियाणा के भिवानी स्थित झुंपा में पीएमईजीपी के तहत उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों द्वारा 298.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन लाभार्थियों की ओर से स्थापित इन इकाइयों के माध्यम से लगभग 24,000 लोगों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त होगा। इसके अलावा हरियाणा के पीएमईजीपी लाभार्थियों को 13.67 करोड़ रुपये की स्वीकृत ऋण के बदले 4.44 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी अनुदान धनराशि भी वितरित की गई।
इस अवसर पर मनोज कुमार ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी)’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि केवीआईसी अपनी योजनाओं और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में कारीगरों के लिए उनके घर में ही बहुत कम लागत पर रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रहा है।
इस अवसर पर चर्म कारीगरों के लिए अधिकारिता कार्यक्रम के तहत हरियाणा के 50 लाभार्थियों और राजस्थान के चोमू क्षेत्र व मौजमाबाद के 50-50 लाभार्थियों को फुटवियर निर्माण के लिए उन्नत टूल-किट ऑनलाइन माध्यम के जरिए वितरित की गईं। वहीं, केवीआईसी की ‘शहद मिशन’ योजना के तहत हरियाणा के 40 प्रशिक्षित लाभार्थियों को मधुमक्खी पालन के लिए 400 मधुमक्खी-बक्से भी ऑनलाइन वितरित किए गए। इसके अलावा हस्तनिर्मित कागज निर्माण योजना के तहत पंजाब के 20 लाभार्थियों को कागज रूपांतरण मशीनें वितरित की गईं। वहीं, अगरबत्ती निर्माण योजना के तहत राजस्थान स्थित शिवदासपुरा के 40 लाभार्थियों को पैडल परिचालित अगरबत्ती मशीन को ऑनलाइन माध्यम से प्रदान किया गया।
मनोज कुमार ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक कारीगरों को टूल किट उपलब्ध कराकर उनके कौशल उन्नयन और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हम एक समृद्ध, मजबूत, आत्मनिर्भर और खुशहाल राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप उन्हें नौकरी तलाशने वाले की जगह नौकरी देने में सक्षम होना चाहिए। पीएमईजीपी योजना के तहत सरकार ने परियोजना की अधिकतम लागत 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है और सेवा क्षेत्र में इसे 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। इन पीएमईजीपी इकाइयों को स्थापित करने के लिए सरकार शहरी क्षेत्रों में लाभार्थियों को अनुदान के रूप में पूरी परियोजना लागत का 15 फीसदी से 25 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 25 फीसदी से 35 फीसदी हिस्सा प्रदान करती है। इसके साथ ही ऋण स्वीकृत होने के बाद लाभार्थियों को उनके चुने हुए उद्यम की स्थापना के संबंध में नि:शुल्क उद्यमिता प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
इसके अलावा मनोज कुमार ने हरियाणा में संचालित खादी और ग्रामोद्योग कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित “खादी जागरण” कार्यक्रम के माध्यम से कारीगरों, खादी संस्थानों के प्रतिनिधियों व खादी और ग्रामोद्योग के उद्यमियों से बातचीत भी की।
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