एक नई उच्च प्रवाह क्षमता क्वांटम समर्थित हरित हाइड्रोजन उत्पादन प्रौद्योगिकी, हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बड़ी मात्रा में बढ़ावा दे सकती है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की ग्रीन केपलरेट टीम द्वारा विकसित इस प्रौद्योगिकी का उद्घाटन जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा प्रभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख डॉ. अनीता गुप्ता और वैज्ञानिक एवं जलवायु परिवर्तन एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रभाग के निदेशक डॉ. रंजीत कृष्ण पई एवं आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर आरआर सोंडे द्वारा वाराणसी विश्वविद्यालय में किया गया। इस अवसर पर देश भर से आए प्रतिष्ठित क्षेत्र विशेषज्ञों की भी उपस्थिति रहीं।
डॉ. सोमनाथ गराई और प्रोफेसर एस. श्रीकृष्णा की टीम द्वारा विकसित इस प्रौद्योगिकी ने पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा विकल्पों के रूप में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग का प्रदर्शन किया। उन्होंने अगली पीढ़ी के क्वांटम-संचालित फोटो-उत्प्रेरक को उच्च प्रोटॉन उपलब्धता और गतिशीलता वाले चार्ज ट्रांसफर सिस्टम के साथ प्रस्तुत किया और ऊर्जा उत्पादन के लिए क्वांटम उत्प्रेरक अनुप्रयोग भी प्रदान किए।
इस प्रौद्योगिकी का पेटेंट, हाइड्रोजन और फ्यूल सेल प्रोग्राम, स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान पहल के तहत ‘बुस्टिंग द एच2 इकोनॉमी बाई हार्नेसिंग मैरिट ऑफ क्वांटम एनकैप्सुलेशन कैमिस्ट्री : आगमेंटिड काइनेटिक्स फॉर वॉटर स्पिलेटिंग रिएक्शन अंडर कन्फाइनमेंट’ नामक परियोजना के तहत लंबित है।
अत्याधुनिक फोटोकैमिकल-रिएक्टर डिज़ाइन में सौर ऊर्जा को अधिकतम करने के लिए अंतर्निहित इलुमिनेशन असेंबली और बाहरी अवतल परावर्तक पैनल की सुविधा मौजूद है। इस टीम ने एक सतत इलेक्ट्रॉन युक्त प्रोटॉन आपूर्ति प्रणाली का निर्माण किया है, जो औद्योगिक धातु-अपशिष्ट का उपयोग करके एक इलेक्ट्रॉन इंजेक्टर तंत्र से प्रेरित है, जिसके द्वारा कठिन अनुकूलन के बाद, प्रयोगशाला पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की अधिकतम दर लगभग एक लीटर/मिनट प्रति 10 ग्राम तक अर्जित की गई है।
उत्पादन की गई हाइड्रोजन गैस की उच्च शुद्धता के कारण, ईंधन का उपयोग बिना अतिरिक्त शुद्धिकरण के किया जा सकता है, जिससे प्रौद्योगिकी की लागत किफायती हो जाती है। यह परिवर्तनकारी नवाचार ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अनुप्रयोग संभावनाएं उपलब्ध कराएगा।
ग्रीन केपलरेट टीम ने भंडारण मुक्त प्रत्यक्ष हाइड्रोजन अंतर-दहन इंजन प्रौद्योगिकियों की परिकल्पना की है। इस टीम ने डीएसटी द्वारा वित्त पोषित इस चालू परियोजना के एक हिस्से के रूप में इंजन/सिलेंडर क्षमताओं और कार्यात्मकताओं की विभिन्न रेंज के ऑटोमोबाइल में भी इसका प्रदर्शन किया है।
National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More
RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment