राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान ‘हर घर दस्तक’ के परिणामस्वरूप पहली खुराक कवरेज (30 नवंबर तक) में 5.9 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इस अभियान के दौरान कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक कवरेज में 11.7 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक के साथ “हर घर दस्तक” अभियान की स्थिति और प्रगति की समीक्षा के दौरान दी।
3 नवंबर, 2021 को कोविड-19 टीकाकरण अभियान ‘हर घर दस्तक’ की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में घर-घर जाकर सभी पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक और जिनकी दूसरी खुराक लेने की अवधि पूरी हो चुकी है, उन सभी लाभार्थियों को इसकी खुराक देने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना, उन्हें एकत्रित करना और टीकाकरण करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इस अभियान के दौरान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन और उनकी उपलब्धि की सराहना की। वहीं, इस बात को रेखांकित किया गया कि इस अभियान ने टीकाकरण की गति को आगे बढ़ाया है, लेकिन इस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 12 करोड़ लाभार्थियों को अभी भी टीके की दूसरी खुराक लगाया जाना बाकी है।
नीचे दिया गया ग्राफ कोविड-19 टीके की पहली और दूसरी खुराक के लिए ‘हर घर दस्तक’ अभियान की प्रगति को दिखाता है।
अब तक देश में कोविड-19 टीके खुराक की कुल संख्या 125 करोड़ को पार कर गई है। अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 79.13 करोड़ (84.3 फीसदी) लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक और 45.82 करोड़ (49 फीसदी) को दूसरी खुराक दी गई है।
राज्यों को निम्नलिखित सलाह दी गई:
सभी पात्र लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक लगाई जाए।
अगस्त और सितंबर 2021 में दी गई खुराकों को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण की गति तेज करके भी लाभार्थियों के लिए दूसरी खुराक की कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए लक्षित योजनाएं तैयार करें।
यह सुनिश्चित करें कि राज्य में उपलब्ध टीके को समय पर लगाया जा रहा है और सरकारी व निजी, दोनों सुविधा केंद्रों पर किसी खुराक की अवधि समाप्त नहीं हो रही है।
सात राज्य (बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) जहां शुरुआत में जेडवाईकोव-डी टीके लगाए जाएंगे, वे इस टीके की शुरुआत के लिए ऐसे जिलों की पहचान कर सकते हैं, जहां बड़ी संख्या में पहली खुराक नहीं लगाई गई है।
जेडवाईकोव-डी के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। चयनित राज्यों को फार्माजेट इंजेक्टर पर आधारित सत्रों की योजना बनानी चाहिए और टीकाकरण में इसका उपयोग करने के संबंध में प्रशिक्षण देने के लिए टीका लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान करनी चाहिए।
राज्यों ने सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में कवरेज के विस्तार के अपने अनुभव साझा किए। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से अनुरोध किया कि वे टीके की खुराक लगाने को लेकर, विशेषकर जिन्हें दूसरी खुराक बाकी है, समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रभावशील व्यक्तियों और सामुदायिक नेताओं का बेहतर उपयोग करें।
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