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स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की सहायता पर राज्यों की रैकिंग प्रक्रिया 2021 के परिणाम घोषित

स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की सहायता पर राज्यों की रैकिंग के तीसरे संस्करण के परिणाम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल द्वारा आज नई दिल्ली के अशोक होटल में जारी किए गए। रैकिंग के प्रयोजन के लिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को पांच वर्गों अर्थात सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले, शीर्ष प्रदर्शन करने वाले, लीडर्स, आकांक्षी लीडर्स तथा उभरते स्टार्ट-अप परितंत्रों में वर्गीकृत किए गए हैं।

गुजरात और कर्नाटक राज्यों के वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले माने गए जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली भी शामिल था। मेघालय केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) तथा पूर्वोत्तर राज्यों (एनई) के बीच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला माना गया। जहां केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा तेलंगाना राज्यों के बीच शीर्ष प्रदर्शन करने वाले रहे, जम्मू एवं कश्मीर यूटी तथा पूर्वोत्तर राज्यों के बीच शीर्ष प्रदर्शन करने वाला रहा।

असम, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश को राज्यों के बीच लीडर्स वर्ग में विजेता घोषित किया गया जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश तथा गोवा को केंद्र शासित प्रदेशों तथा एनई राज्यों के बीच लीडर्स का सम्मान प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान को राज्यों के बीच आकांक्षी लीडर्स घोषित किया गया। चंडीगढ़, दादर एवं नागर हवेली एवं दमन तथा दीव, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, पुडुचेरी और त्रिपुरा यूटी तथा पूर्वोत्तर राज्यों के बीच आकांक्षी लीडर्स घोषित किए गए। आंध्र प्रदेश एवं बिहार राज्यों की श्रेणी में तथा मिजोरम और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों तथा पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में उभरते स्टार्ट -अप परितंत्रों के तहत शामिल किए गए।

पुरस्कारों की घोषणा करने के बाद, पीयूष गोयल ने कहा कि ओएनडीसी (डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपेन नेटवर्क) के पास हजारों स्टार्ट-अप्स को जन्म देने की शक्ति है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में यूपीआई को भारी सफलता मिली है जिसने भारत में भुगतान प्रणाली को लोकतांत्रिक बना दिया है। अगले पांच वर्षों में, ओएनडीसी पूरे देश भर में ई-कॉमर्स को लोकतांत्रिक बना देगा। यह इतना अधिक होगा कि हमारे पास कुछ हजार स्टार्ट अप्स या इससे अधिक तथा कुछ सौ यूनिकॉर्न होंगे। ओएनडीसी के साथ, तीन कंपनियों के 100 बिलियन डॉलर के होने या 1 ट्रिलियन डॉलर का आकार होने के बजाये आपके पास ऐसी हजार कंपनियां होंगी जिसमें से प्रत्येक 1 बिलियन डॉलर की होगी। ओएनडीसी में इतना कुछ करने की क्षमता है।’’

इस बात पर जोर देते हुए कि भारतीय इकोसिस्टम में कार्य में सर्वश्रेष्ठ बनने की क्षमता है, पीयूष गोयल ने सुझाव दिया कि राज्यों को पड़ोसी राज्यों के साथ संयोजन करना चाहिए जिससे कि वे एक-दूसरे से सीख सकें। उन्होंने विभाग से और अधिक स्टार्ट अप्स को गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) पर लाने की अपील की और कहा कि अब सेनाओं को भी जीईएम के तहत ला दिया गया है।

पीयूष गोयल ने सुझाव दिया कि केंद्रीय तथा राज्य सरकारों की सभी स्टार्ट अप योजनाओं की सहायता से जिलों में स्टार्ट अप इकोसिस्टम विकसित करने पर फोकस करने की आवश्यकता है। उन्होंने और अधिक स्टार्ट अप्स को ऑनबोर्ड करने तथा उनका पंजीकरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का लोकतांत्रिकरण करने का अभी उसी प्रकार बड़ा अवसर है जिस प्रकार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ने क्रिकेट क्षेत्र का लोकतांत्रिकरण कर दिया है।

पीयूष गोयल ने नए संरक्षण कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे वैसे लोगों की मदद होगी जिनके पास आइडिया हैं तथा उन्हें अपने विचारों को सकार करने में मदद मिलेगी।

डीपीआईआईटी के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि जेएएम (जनधन, आधार, मोबाइल), डिजिटल इंडिया, गतिशक्ति, व्यवसाय करने की सुगमता सहित सरकार की कई पहलें स्टार्ट अप इकोसिस्टम को प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर स्टार्ट अप सिस्टम को और अधिक विकसित होना है तो राज्यों द्वारा सबसे बड़ी भूमिका का निर्वाह किए जाने की आवश्यकता होगी। हम एक सुगमकर्ता की भूमिका निभा सकते हैं।’’

राष्ट्रीय स्टार्ट अप परामर्शी परिषद के सदस्य मनोज कोहली ने कहा कि नया कोचिंग/निगरानी कार्यक्रम मार्ग (मेंटरशिप, एडवायजरी, असिस्टैंस, रेजीलिएंस तथा ग्रोथ) लाभप्रद स्टार्ट अप्स का सृजन करने, उनके कॉरपोरेट शासन में सुधार लाने, उनके प्रचालनों को बढ़ाने, फंडिंग अंतरालों को पाटने तथा उनके ब्रांड का निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे उनकी सफलता दर में सुधार आएगा।

कार्यक्रम के दैरान मार्ग पोर्टल के लिए संरक्षकों के लिए भी अपील की घोषणा की गई। इस पोर्टल का विकास भारत में स्टार्ट अप्स के लिए एक टूल डेवेलप करने के विचार से किया गया है जिसे देश के हर कोने से अनुरोध करने तथा सलाहकार से जुड़ने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

डीपीआईआईटी की संयुक्त सचिव श्रुति सिंह ने कहा कि स्टार्ट अप इकोसिस्टम ने एक लंबा सफर तय किया है जिसमें राज्यों ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘आज, राज्यों के पास जीवंत परितंत्र हैं जिसमें 27 राज्यों के क्षेत्रीय भाषाओं में पोर्टल हैं।’’

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) देश भर में स्टार्ट अप का निर्माण करने एवं व्यवसाय करने की सुगमता प्रदान करने के लिए 2018 से ही राज्यों की स्टार्ट अप रैंकिंग प्रक्रिया का संचालन कर रहा है। इस अभ्यास का प्रभाव पिछले तीन संस्करणों में बढ़ा है और वर्तमान संस्करण में 31 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने सहभागिता की है जो अभी तक सबसे अधिक है। राज्यों की स्टार्ट अप रैंकिंग प्रक्रिया का लक्ष्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को उनके स्टार्ट अप सिस्टम का विकास करने में सहायता प्रदान करना तथा प्रत्येक राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों से सीख प्राप्त करना है।

राज्य स्टार्ट अप रैंकिंग प्रक्रिया के तीसरे संस्करण के लिए विचार अवधि 1 अक्टूबर 2019 से 31 जुलाई 2021 थी। प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी साक्ष्य का मूल्यांकन 6 महीने की अवधि में किया गया था। 14 बैठकों में मूल्यांकन समिति ने प्रत्येक दस्तावेज का मूल्यांकन किया तथा इसमें निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन करने के लिए 19 सरकारी विभागों एवं 29 गैर-सरकारी स्टार्ट अप इकोसिस्टम हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल थे।

प्रतिभागियों का मूल्यांकन 7 व्यापक सुधार क्षेत्रों में किया गया जिसमें संस्थागत सहायता से लेकर नवोन्मेषण तथा उद्यमिता को बढ़ावा देना, बाजार तक पहुंच, इनक्यूबेशन सहायता, फंडिंग सहायता, सक्षमकर्ताओं के क्षमता निर्माण को संरक्षण सहायता देना शामिल थे। यह प्रक्रिया देश में स्टार्ट अप के लिए व्यवसाय वातावरण को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राज्य स्टार्ट अप रैंकिंग 2021 ने इको सिस्टम को स्टार्टअप नीतियों के माध्यम से 30 से अधिक राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जा रही सहायता को रेखांकित किया। 2016 से पहले केवल चार राज्यों के पास स्टार्ट अप नीतियां थीं। राज्य स्टार्ट अप टीमें सभी मेंटरशिप, इनक्यूबेशन तथा फंडिंग के लिए सहायता देती रही हैं। इसके अतिरिक्त, निष्पादन स्तर पर वास्तविक स्थिति को समझने के लिए 13 विभिन्न भाषाओं में किए गए सर्वे के माध्यम से 7,000 से अधिक लाभार्थियों से फीडबैक एकत्रित किए गए।

राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक श्रेणी में वर्णानुक्रम में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक सुधार क्षेत्र में, ऐसे राज्यों को जिन्हें किसी विशिष्ट सुधार क्षेत्र में उनके असाधारण कार्य के लिए लीडर्स के रूप में पहचाना जाता है, को भी साझा किया जाता है।

सम्मान समारोह के साथ-साथ राष्ट्रीय रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया जिसमें राज्य स्टार्ट अप रैंकिंग के विजन, संरचना, वर्षों के दौरान विकास प्रक्रिया, पद्धति एवं कार्यान्वयन तथा भविष्य की रूपरेखा रेखांकित की गई है। 31 प्रतिभागी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में से प्रत्येक के लिए एक राज्य विशिष्ट रिपोर्ट भी जारी की गई है जिसमें संबंधित इकोसिस्टम का व्यापक विश्लेषण शामिल है जो भविष्य के लिए ताकतों एवं प्राथमिकता क्षेत्रों को रेखांकित करता है।

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