सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जबरन धर्मान्तरण “बहुत गंभीर” मुद्दा है। न्यायालय ने कहा है कि धर्म परिवर्तन से नागरिकों की अंतरात्मा की स्वतंत्रता के साथ-साथ देश की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। न्यायमूर्ति एम आर शाहा और हिमा कोहली की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वे प्रलोभन देकर धर्मान्तरण पर अंकुश लगाने के उपायों के बारे में बतायें। शीर्ष न्यायालय ने सरकार से भी इस पर रोकने के लिए कदम उठाने और गंभीर प्रयास करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन धर्मान्तरण पर रोक नहीं लगाई गयी तो “बहुत कठिन स्थिति” पैदा हो सकती है। उच्चतम न्यायालय ने यह व्यवस्था अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दी है जिसमें उन्होंने धमकी तथा उपहार देकर और मौद्रिक लाभों के माध्यम से धोखा देकर धर्मांतरण करने पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कड़े कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की है।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment