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सातवां रायसीना संवाद नई दिल्‍ली में शुरू; यूरोपीय आयोग की अध्‍यक्ष ने कहा- आगामी दशक में भारत के साथ साझेदारी सुदृढ करना प्राथमिकता है

सातवां रायसीना संवाद नई दिल्‍ली में शुरू हो गया। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा है कि जीवंत लोकतंत्र होने के नाते, भारत और यूरोपीय संघ के मौलिक मूल्‍य और हिंत एकसमान है। नई दिल्ली में सातवें रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ, प्रत्येक देश के अपने भाग्य, कानून के शासन और मौलिक अधिकारों का निर्धारण करने के अधिकार में विश्वास करते हैं। उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि दोनों का मानना है कि लोकतंत्र नागरिकों का उद्धार करता है। उन्‍होंने कहा कि हर पांच वर्ष बाद जब संसदीय चुनाव में भारतवासी वोट डालते हैं तो विश्‍वभर में उसकी लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था की प्रशंसा की जाती है। उन्‍होंने कहा कि इस मतदान प्रणाली के माध्‍यम से दुनिया के इस सबसे बडे लोकतांत्रिक देश में भविष्‍य का रास्‍ता तय किया जाता है और लगभग एक अरब तीस करोड लोगों के फैसले की दुनियाभर में गूंज होती है। यूरोपीय संघ की अध्‍यक्ष ने कहा कि यूरोपीय संघ को मजबूत करने और इसमें ऊर्जा का संचार करने के लिए भारत के साथ उसकी भागीदारी, आगामी दशक में एक प्राथमिकता होगी। उन्‍होंने कहा कि दोनों की अर्थव्‍यवस्‍था एक समान नियमों और निष्‍पक्ष प्रतिस्‍पर्धा वाले विश्‍व में पनपती है।

यूरोपीय संघ की अध्‍यक्ष ने कहा कि सुरक्षित व्‍यापार मार्गों, निर्बाध सप्‍लाई चेन और मुक्‍त तथा खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के एकसमान हित हैं। उन्‍होंने कहा कि मुक्‍त तथा खुले समाज के लिए चुनौतियां बढ रही है और यह प्रौद्योगिकी तथा आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ सुरक्षा के लिए भी यही सच है। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व में शांति और सुरक्षा को बढावा देने वाले मूल सिद्धांत दांव पर है।

उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि यूरोपीय संघ रूस की आक्रामकता को सुरक्षा के लिए सीधे खतरे के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ यूक्रेन की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई में हरसंभव मदद देगा।

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने भारत यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्‍होंने कहा कि इससे व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढेगा।

रायसीना संवाद के उद्घाटन सत्र में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए विदेश मंत्री डॉ. सुब्रहमण्‍यम जयशंकर ने कहा कि यूरोपीय संघ ने पहले ही एक हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र और संपर्क की रणनीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की जलवायु कार्रवाई, डिजिटल और अन्य बातचीत में भी गंभीरता आ रही है।

रायसीना संवाद के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस आयोजन में विभिन्न देशों के कई पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी भाग ले रहे हैं।

तीन दिवसीय संवाद-टेरानोवा, जोशीला, अधीर, संकटग्रस्त। संवाद के छह व्यापक विषयगत स्तंभ हैं जिनमें लोकतंत्र पर पुनर्विचार, बहुपक्षवाद का अंत, जल संगठन, हरियाली बढाना शामिल है। रायसीना संवाद के सौ सत्रों में 90 देशों के 210 से अधिक वक्ता भाग लेंगे।

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