केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज बताया कि सरकार ने सीएसई-2012 से सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) के माध्यम से आईएएस अधिकारियों की वार्षिक भर्ती की संख्या बढ़ाकर 180 कर दी है। इसी तरह, सीएसई के माध्यम से आईपीएस अधिकारियों की वार्षिक भर्ती की संख्या सीएसई-2020 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि बासवन समिति की सिफारिशों के आधार पर आईएएस अधिकारियों की सीधी भर्ती (डीआर) की अधिकतम संख्या में बढ़ोतरी की गई है। बासवन समिति ने यह भी सिफारिश की थी कि सीधी भर्ती में 180 से अधिक की संख्या होने से क) गुणवत्ता प्रभावित होगी; बी) एलबीएसएनएए पर उसकी क्षमता से अधिक भार पड़ेगा और; ग) विशेष रूप से भारत सरकार में वरिष्ठ पदों के लिए आईएएस अधिकारियों के करियर पिरामिड में विकृति आएगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 01.01.2022 तक विभिन्न राज्यों में आईएएस में 1472 और आईपीएस में 864 रिक्त पद हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का होना और उन्हें भरना एक सतत प्रक्रिया है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि इन कैडरों में रिक्त पदों को भरा जाए। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) हर साल आईएएस और आईपीएस की श्रेणी में सीधी भर्ती के आधार पर रिक्त पदों को भरने के लिए सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) आयोजित करता है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पदोन्नति कोटा में रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य सरकारों के साथ संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा चयन समिति की बैठकें आयोजित की जाती हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment