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सरकार ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2023 के लिए ग्राम पंचायतों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पंचायतों को उनकी स्वीकार्यताबढ़ाने और प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।पुरस्कार वर्ष 2023 के लिए, पुनर्गठित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों का ऑनलाइन नामांकन 15 नवंबर, 2022 तक आमंत्रित किए गए थे। इस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में 15 नवंबर, 2022 तक लगभग 90.89% ग्राम पंचायतों की उत्साही भागीदारी देखी गई। पंचायतों की भागीदारी से उत्साहित होकर और ग्राम पंचायतों की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 20 नवंबर, 2022 करने का निर्णय लिया।

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा लगातार और व्यापक रूप से फॉलो अप करने तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान नजदीकी सहायता और समर्थन के कारण, 18 नवंबर, 2022 तक देश कीकुल 2,68,711 ग्राम पंचायतों में से 2,45,426 ग्राम पंचायतें यानि लगभग 91.33% ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2023 के लिए आवेदन किया है, जो अपने आप में अभूतपूर्व है। शेष ग्राम पंचायतें भीं लिंक: https://panchayataward.gov.in पर जाकर अपना आवेदन कर सकती हैं।

केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने सभी सरपंचों/ग्राम प्रधानों/मुखियाओं और ग्राम पंचायतों के अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों से इसके लिए अपील की थी, जिसके बादपूरे देश की ग्राम पंचायतों से जबरदस्त और उत्साहपूर्ण समर्थन और प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है।उल्लेखनीय है कि गिरिराज सिंह ने 1 सितंबर, 2022 को एक पत्र के माध्यम से देश के सभी सरपंचों/ग्राम प्रधानों से राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2023 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में शामिल होने का अनुरोध किया था।

पुनर्गठित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार, पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जागरूकता उत्पन्न करने और इन लक्ष्यों की प्राप्ति को गति प्रदान करने तथा इसका स्थानीयकरण करनेकी दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।वर्ष 2023 से, ये पुरस्कार सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के 9 विषयों के अंतर्गत दिए जाएंगे, जिसमें कुल 17 सतत विकास लक्ष्य शामिल होंगे।

इस वर्ष ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कई मायनों में विशिष्ट रही है क्योंकि इसने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के लिए व्यापक जागरूकता फैलाने में मदद की है और सभी ग्राम पंचायतों को एक निर्धारित विषयगत लक्ष्यों को प्राप्‍त करने की दिशा में समन्वित एवं संयुक्त प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है।पंचायतों को पुरस्कृत करने और प्रोत्साहित करने में एक व्यापक उद्देश्य शामिल है, वो यह है कि सभी पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो और सभी पंचायती राज संस्थाएं “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के सिद्धांत पर चलते हुए गांवों का सर्वांगीण और सतत विकास करने केलिए आगे बढ़ें।पंचायती राज मंत्रालय की यह कोशिश है कि असाधारण रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों की सर्वोत्तम प्रथाओं का अनुकरण करने के लिए अन्य पंचायतों को लगातार प्रोत्साहित किया जाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, पंचायती राज मंत्रालय द्वारा एलएसडीजी के नौ विषयगत क्षेत्रों में पंचायतों को उनके अनुकरणीय प्रदर्शनों के आधार पर प्रोत्साहित करने की कोशिशउस दृष्टिकोण का पूरक है और संयुक्त राष्ट्र 2030 के एजेंडा को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर पंचायतों का निर्माण करने के लिए एलएसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ता हुए एक कदम है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में पूरे देश की अधिकतम ग्राम पंचायतों की भागीदारी ने इस बात को साबित कर दिया है कि ग्रामीण भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर स्थानीय परिप्रेक्ष्य में नौ विषयों के अंतर्गत शामिल होकर और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए, ग्राम पंचायतें राष्ट्र के समावेशी और समग्र विकास में अपना योगदान देने के लिए दृढ़ और प्रतिबद्ध हैं।

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