केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज औपचारिक रूप से ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ किया और इसे श्रम एवं रोजगार तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों को सौंपा। श्रम मंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगार भारत के राष्ट्र निर्माता हैं और यह पोर्टल उनके कल्याण से जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एक और अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा, “भारत के इतिहास में पहली बार 38 करोड़ असंगठित कामगारों के पंजीकरण की व्यवस्था की जा रही है। यह न केवल उन्हें पंजीकृत करेगा बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू की जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को पूरा करने में भी मददगार होगा।”
इस अवसर पर भूपेंद्र यादव ने ई-श्रम पोर्टल पर प्रत्येक पंजीकृत असंगठित कामगार के लिए दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा योजना को मंजूरी देने के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई कामगार इस पोर्टल पर पंजीकृत है और दुर्घटना का शिकार होता है, तो वह मृत्यु या स्थायी रूप से शारीरिक विकलांगता का शिकार होने पर दो लाख रुपये और आंशिक रूप से शारीरिक विकलांगता का शिकार होने पर एक लाख रुपये के लिए पात्र होगा और सरकार हमेशा कामगारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रम और रोजगार तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने भी ई-श्रम पोर्टल की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए देश के लोगों से अपील की कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और अन्य चीजों के साथ-साथ सभी असंगठित कामगारों के राष्ट्रीय डेटाबेस का निर्माण करने वाले इस पोर्टल पर इन कामगारों को पंजीकृत करवाएं तथा भारत सरकार के इस बहुत जरूरी लक्ष्य – “छूटेगा नहीं कोई कामगार, योजनाएं पहुचेंगी सबके द्वार” को पूरा करने में भागीदार बनें।
इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने अजमेर, डिब्रूगढ़, चेन्नई और वाराणसी के उन कामगारों से भी बातचीत की, जो कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे जुड़े थे। इन लोगों ने अपने अनुभव और अपेक्षाएं साझा कीं। भूपेंद्र यादव तथा रामेश्वर तेली ने उन्हें दुर्घटना बीमा योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी और पोर्टल पर पंजीकरण के लाभों के बारे में बताया।
श्रम मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने इस पोर्टल को देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ और क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि देश में 38 करोड़ से अधिक असंगठित कामगारों (यूडब्ल्यू) का एक पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह से नि:शुल्क है तथा कामगारों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या कहीं भी अपने पंजीकरण के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
अपूर्व चंद्रा ने यह भी बताया कि पंजीकरण के बाद कामगारों को यूनिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) वाला ई-श्रम कार्ड जारी किया जाएगा और वे इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ कहीं भी, कभी भी प्राप्त कर सकेंगे।
राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के श्रम मंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (श्रम), श्रम आयुक्त अपने-अपने राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस समारोह में शामिल हुए। समारोह में श्रम मंत्रालय के सभी क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य सरकारों के श्रम विभागों के साथ-साथ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के क्षेत्रीय कार्यालय भी समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा समारोह में चार लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने भी हिस्सा लिया जो असंगठित कामगारों के पंजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस साल जुलाई/अगस्त में राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों के साथ पोर्टल शुरू करने से पहले आयोजित पहली और दूसरी बैठकों के दौरान उनके समक्ष पोर्टल का पहले ही प्रदर्शन किया जा चुका है। इस संबंध में, राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों को पोर्टल के संचालन और कामगारों को जुटाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कोविड की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पूरे देश में असंगठित कामगारों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पोर्टल का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ करने और उसे राज्यों को सौंपने का फैसला किया गया।
केंद्रीय श्रम मंत्री ने 24 अगस्त, 2021 को देश के प्रमुख केंद्रीय मजदूर संघों के नेताओं के साथ बातचीत भी की थी। इन मजदूर संघों में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीयूसी), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी), हिंदू महासभा (एचएमएस), सेंटर फोर इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-इंप्लॉयड वीमेंस एसोसियेशन (सेवा), यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (यूटीयूसी), नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (डीएचएन) शामिल थे।
केंद्रीय मजदूर संघों के सभी नेताओं ने कहा कि असंगठित कामगार भारत के राष्ट्र निर्माता हैं और यह पोर्टल उनकी भलाई के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्रीय मजदूर संघों और राज्यों में उनकी शाखाएं ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों के पंजीकरण के इस महत्वपूर्ण कार्य में अपनी ओर से पूरी मदद करेंगे।
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