सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने, आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इस्कॉन के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति में, नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के लिए, अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत सोसायटी (इस्कॉन) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
सभा को संबोधित करते हुए, डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि एनएमबीए के तहत धार्मिक/आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए नशीले प्रदार्थों के प्रति संवेदनशील भारत बनाने की दिशा में बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस्कॉन के साथ यह समझौता ज्ञापन युवाओं, महिलाओं, छात्रों आदि के बीच एनएमबीए के संदेश को फैलाने में सहायता करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस्कॉन से कहा कि वे अपनी सभी बैठकों और सभाओं में एनएमबीए अभियान का प्रचार करें। डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि उनका मंत्रालय देश भर में 550 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से उचित उपचार, प्रचार, समुदाय तक पहुंचने और उन्हें जागरूक करने के लिए लगातार कार्यक्रम चला रहा है।
डॉ वीरेंद्र कुमार ने आगे बताया कि उनके मंत्रालय ने नवचेतना मॉड्यूल विकसित किया है, जो भारत में स्कूली छात्रों के बीच जीवन कौशल और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर जागरूकता और शिक्षा को बढ़ाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल स्कूली बच्चों के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग की शुरुआत को धीमा करना है, बल्कि इसे हमेशा के लिए रोकना भी है। इसके अतिरिक्त, नवचेतन पर प्रशिक्षण सामग्री का 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है। शिक्षकों की सहायता के लिए दीक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने के लिए प्रत्येक मॉड्यूल भी उपलब्ध होगा।
डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि उनके मंत्रालय ने एक वर्ष में नवचेतना मॉड्यूल के माध्यम से 300 जिलों, 30,000 स्कूलों, 10 लाख शिक्षकों और 2.4 करोड़ छात्रों को कवर करने का लक्ष्य रखा है। डॉ. कुमार ने कहा कि यह मॉड्यूल नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की यात्रा में गेम चेंजर साबित होगा।
मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) शुरू किया है, जो वर्तमान में देश के सभी जिलों में चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य, युवाओं के बीच मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना, विशेष रूप से, उच्च शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालय परिसरों, स्कूलों में, समुदाय तक पहुंचना, सामुदाय द्वारा अभियान को अपनी संपत्ति की तरह समझकर उसमें भागीदारी करना, है। अब तक, 3.37 करोड़ से अधिक युवाओं, 2.26 करोड़ से अधिक महिलाओं और 3.27 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों सहित 10.71 करोड़ से अधिक लोग नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा बन चुके हैं।
एनएमबीए की उपलब्धियां
अब तक, जमीनी स्तर पर की गई विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से, 10.71 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है।
एनएमबीए जिलों में अभियान गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए 8,000 मास्टर स्वयंसेवकों का चयन और प्रशिक्षण किया गया है।
3.37 करोड़ से अधिक युवाओं ने अभियान की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है और मादक द्रव्यों के उपयोग के खिलाफ इस संदेश का जमीनी स्तर पर प्रसार किया है। लगभग 4,000 से अधिक युवा मंडल, एनवाईकेएस, एनएसएस स्वयंसेवक और युवा मंडल भी अभियान से जुड़े हुए हैं।
आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, महिला मंडलों और महिला एसएचजी के माध्यम से, एक बड़े समुदाय तक पहुंचने में, 2.26 करोड़ से अधिक महिलाओं का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है।
फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर हैंडल बनाकर और उन पर दैनिक अपडेट साझा करके इस अभियान के संदेश को ऑनलाइन फैलाने के लिए प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है।
जिलों और मास्टर स्वयंसेवकों द्वारा वास्तविक समय के आधार पर जमीनी स्तर पर होने वाली गतिविधियों के डेटा को कैप्चर करने के लिए एक एंड्रॉइड आधारित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
जनता की पहुंच को आसान बनाने के लिए, सभी नशा मुक्ति सुविधाओं को जियोटैग कर दिया गया है।
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