श्रीलंका में आपातकाल लागू करने के कार्यकारी राष्ट्रपति रानिल विक्रम सिंघे के फैसले के बीच विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सेना और पुलिस को कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अपने कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद आज यह निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने से रोकना चाह रहे हैं, लेकिन वे किसी भी प्रकार की फासीवादी ताकतों को सफल नहीं होने देंगे।
इससे पहले, श्रीलंका में प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय पर हमला कर उसके अंदर घुस गए थे।
बीबीसी के अनुसार प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय प्रांगण में अब भी मौजूद हैं। दूसरी ओर, श्रीलंका रूपवाहिनी कॉर्पोरेशन और इंडिपेंडेंट टेलीविज़न नेटवर्क ने अपने प्रसारण निलंबित कर दिये हैं। इन चैनलों के परिसरों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया है।
इस बीच, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे ने संसद के स्पीकर महिन्दा यापा अबेवर्देने को टेलीफोन कर बताया है कि वे अपना त्यागपत्र आज भेज देंगे। गोताबाया राजपक्षे देश छोडकर मालदीव जा चुके हैं। महिन्दा यापा अबेवर्देने ने वीडियो संदेश में यह जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संसदीय प्रक्रिया पर भरोसा रखें, जिसके तहत इस महीने की बीस तारीख को नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की जानी है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की है।
हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर 14 अप्रैल 2026 को मालदीव के माले से छह दिवसीय… Read More
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के… Read More
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में अर्बन चैलेंज… Read More
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर… Read More
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी। हादसे में 6 श्रद्धालुओं की… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment