Categories: News-Headlines

व्हाइट गुड्स (ACs और LED लाइट्स) के लिए उत्पादनयुक्त प्रोत्साहन योजना में संशोधन अधिसूचित

व्हाइट गुड्स लाभार्थियों के साथ-साथ उद्योग संघों के लिए उत्पादनयुक्त प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से प्राप्त विभिन्न अनुरोधों/सुझावों के आधार पर, योजना के संचालन को सरल बनाने और व्यापार सुगमता के साथ-साथ सुधार करने की दृष्टि से योजना दिशानिर्देशों में और संशोधन किए गए हैं।

व्हाइट गुड्स (एसी और एलईडी लाइट्स) के लिए पीएलआई योजना के दिशानिर्देशों के तहत निम्नलिखित संशोधन शामिल किए गए हैं:

कैप्टिव खपत या समूह कंपनियों को आपूर्ति के मामले में बिक्री मूल्य की गणना के लिए सीयूपी (तुलनीय अनियंत्रित मूल्य) पद्धति के स्थान पर कॉस्ट-प्लस पद्धति को अपनाना। इसमें ‘आर्म लेंथ’ की परिभाषा में भी संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी;

पूंजी निवेश के तहत पात्र निवेश के रूप में मोल्ड और डाई आदि के निर्माण के लिए टूल रूम में निवेश पर विचार;

अतिरिक्त विनिर्माण सुविधा की स्थापना के बारे में लाभार्थियों को सूचित करने के लिए दो वर्षों के अलावा एक और वर्ष की अनुमति;

दावा दायर करने के समय कानूनी प्रावधानों और रिकॉर्डों में समानता न होने के कारण लाभार्थी को दावा दायर करने की अंतिम तिथि तथा अतिरिक्त प्रोत्साहन के संबंध में समीक्षा की गई;

प्रशासनिक मंत्रालय द्वारा साइट का दौरा;

बैंक गारंटी का रोल ओवर;

योजना दिशानिर्देशों के अनुलग्नकों में उचित संशोधन

विनिर्माण को केंद्रीय स्तर पर लाने और भारत के विकास को आगे बढ़ाने तथा रोजगार सृजन में इसके महत्व पर जोर देने के लिए प्रधान मंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के आह्वान के अनुपालन में, एसी और एलईडी लाइट्स के घटकों और उप-असेंबली के निर्माण के लिए व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना शुरू की गई थी, जिसे सात अप्रैल, 2021 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी। इस योजना को वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक सात साल की अवधि में लागू किया जाना है तथा इसका परिव्यय 6,238 करोड़ रुपए है। इस योजना को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा 16 अप्रैल, 2021 को अधिसूचित किया गया था। योजना दिशानिर्देश चार जून, 2021 को जारी किए गए थे। योजना के सुचारु कार्यान्वयन के लिए आगे हितधारकों के परामर्श के आधार पर, योजना दिशा-निर्देशों पर दो शुद्धिपत्र क्रमशः 16 अगस्त, 2021 और 24 फरवरी, 2022 को जारी किए गए थे।

यह योजना अब क्रियाशील है। 64 चयनित लाभार्थियों में से 15 लाभार्थियों, जिन्होंने 31 मार्च, 2022 तक कार्य शुरू करने की अवधि का विकल्प चुना है, उन्होंने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। शेष लाभार्थी जिन्होंने 31 मार्च, 2023 तक कार्य शुरू करने की अवधि का विकल्प चुना है, वे कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

व्हाइट गुड्स के लिए पीएलआई योजना भारत में एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स उद्योग के लिए एक संपूर्ण घटक इको-प्रणाली बनाने तथा भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक अभिन्न अंग बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। घरेलू मूल्यसंवर्धन मौजूदा 15-20 प्रतिशत से बढ़कर 75-80 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

16 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

19 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

20 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

20 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.