संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के अध्यक्ष प्रो. गोविंद प्रसाद शर्मा, सौम्या गुप्ता आईएएस, संयुक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय और युवराज मलिक निदेशक, नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया की उपस्थिति में आज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के युवा लेखकों के सम्मेलन का नई दिल्ली में उद्घाटन किया। सम्मेलन का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12-13 अप्रैल 2023 को द लीला पैलेस, नई दिल्ली में, कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के साथ किया गया है।
मीनाक्षी लेखी ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि हमारी संस्कृतियों में कई समानताएं हैं और इन संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साझा विरासत के संबंधों को खोजने और युवाओं में सभ्यतागत लोकाचार और सामाजिक मूल्य प्रणालियों के अनुभवों से सीखना जारी रखने के विचारों को जन्म देना भी अनिवार्य है।
प्रोफ़ेसर गोविंद प्रसाद शर्मा ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि आपसी विकास के लिए संवाद और सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हमारी साझा संस्कृति की बेहतर और गहरी समझ को सक्षम करने के लिए विविध संस्कृति, परंपराओं और एक दूसरे के समाज के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करना चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सभ्यतागत संवाद मानव प्रगति का सार हैं और युवाओं की उपस्थिति विचारों के इस आदान-प्रदान का केंद्र है।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के उप महासचिव जनेश कैन ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। जनेश कैन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ने अपनी स्थापना के बाद से विश्व सभ्यताओं के बीच सहयोग विकसित करने का काम किया है। उन्होंने कहा की इस युवा लेखकों के सम्मेलन से साहित्य, संस्कृति और कला के क्षेत्र में हमारे देशों के बीच सहयोग की परंपरा स्थापित होगी।
युवराज मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि अगली पीढ़ी के नेताओं के रूप में युवाओं में नए दृष्टिकोण को शामिल करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और आपसी-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने की क्षमता है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) युवा लेखकों का सम्मेलन युवा लेखकों और विद्वानों को एक सार्थक संवाद में सम्मिलित होने के लिए एक मंच प्रदान करके युवाओं को सशक्त बनाने के लिए संगठन की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
सम्मेलन का विषय इतिहास और दर्शन, अर्थव्यवस्था, धर्म, संस्कृति, साहित्य और विज्ञान तथा चिकित्सा के उप-विषयों के साथ युवा विद्वानों के परिप्रेक्ष्य में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के बीच सभ्यतागत संवाद है।
दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) युवा लेखक सम्मेलन आधुनिक शिक्षा, प्रशिक्षण और युवाओं के उन्नत प्रशिक्षण, उद्यमशीलता गतिविधियों और अभिनव परियोजनाओं में व्यापक भागीदारी के अवसरों का पता लगाने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करेगा।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) 15 जून 2001 को शंघाई में स्थापित एक अंतर सरकारी संगठन है। वर्तमान में एससीओ में आठ सदस्य देश (चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान) शामिल हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment