Categories: Business

वित्त-मंत्री ने कहा- फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स पर फोकस करें:पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि मौजूदा ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए हमें 3Fs यानी फ्यूल, फर्टिलाइजर और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा भंडार) पर फोकस करने की जरूरत है। मुंबई में सिडबी (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने यह बात कही। वित्त मंत्री ने उन आलोचकों पर कड़ा निशाना साधा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत डर का माहौल बनाना बर्दाश्त नहीं कर सकता है और इस समय लोगों को भरोसा देना बेहद जरूरी है। पेट्रोल-डीजल पर ड्यूटी घटने से ₹1 लाख करोड़ का घाटा सीतारमण ने कहा कि भारत की नीतियों को घरेलू विकास को सुरक्षित रखने के हिसाब से तैयार किया गया है। सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में कटौती करने के फैसले से रेवेन्यू में ₹1 लाख करोड़ का घाटा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। क्रूड और फर्टिलाइजर की कीमतें कल्पना से परे बढ़ीं वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि कच्चे तेल (क्रूड) की बढ़ती कीमतों के अलावा फर्टिलाइजर की कीमतें भी ऐसे स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी। इसके साथ ही सोने (गोल्ड) की ऊंची कीमतें भी बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने इसी संदर्भ में देश से किफायत बरतने की अपील की थी। देश में निगेटिव माहौल बनाने की कोशिश करना गलत कुछ आलोचकों पर तंज कसते हुए सीतारमण ने कहा कि कुछ निगेटिव बातें करने वाले लोग इस स्थिति में कूद पड़े हैं और यह दावा कर रहे हैं कि सब कुछ बिखर रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि आम लोगों द्वारा किए जा रहे सभी अच्छे कामों को भुला दिया जाता है और एक निराशावादी, संशयवादी नैरेटिव तैयार किया जाता है। हमें यह समझना होगा कि चुनौतियां बाहरी कारणों से हैं, जबकि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत है। सरकारी कंपनियों से एमएसएमई का पेमेंट करने का आग्रह कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने एमएसएमई (MSMEs) सेक्टर की एक बड़ी समस्या के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के ₹8.1 लाख करोड़ रुपए पेमेंट में देरी की वजह से अटके हुए हैं, जिससे उनकी वर्किंग कैपिटल और ग्रोथ प्रभावित हो रही है। सीतारमण ने सरकारी कंपनियों से आग्रह किया कि वे एमएसएमई का भुगतान करने के लिए 45 दिनों की निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करें और इससे ज्यादा समय न लें। तेल कंपनियों ने 10 दिन में चौथी बार दाम बढ़ाए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी वहीं सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 प्रति लीटर से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह ₹11.90 रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… क्या होते हैं 3Fs और क्यों हैं ये भारत के लिए जरूरी? फ्यूल: भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल बाहर से आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट के कारण क्रूड महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। फर्टिलाइजर: खेती-किसानी के लिए भारत बड़े पैमाने पर खाद का आयात करता है। वैश्विक स्तर पर इसकी कीमतें बढ़ने से सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ता है। फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा): किसी भी देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) उसकी आर्थिक सेहत की पहचान होता है। आयात के बिलों का भुगतान इसी से होता है, इसलिए इसका मजबूत रहना जरूरी है। क्या होती है एक्साइज ड्यूटी? यह केंद्र सरकार द्वारा देश के भीतर बनने वाले या बिकने वाले उत्पादों (जैसे पेट्रोल-डीजल) पर लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है। इसमें कटौती से ग्राहकों को तो राहत मिलती है, लेकिन सरकार के खजाने (राजस्व) को सीधा नुकसान होता है। MSME के लिए 45 दिन का नियम क्या है? सरकार के नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़ी या सरकारी कंपनी को छोटे उद्योगों (MSME) से सामान या सर्विस लेने के 45 दिनों के भीतर उनका पेमेंट करना अनिवार्य होता है, ताकि छोटे बिजनेस में कैश की कमी न हो।

Khushi Bhargav

I am Khushi Bhargav a passionate Content Writer at Vikral News, who loves to share informative and engaging content on Trending News, Lifestyle, Entertainment, Current Affairs, and Viral Stories.

Leave a Comment

Recent Posts

युद्ध के 3-महीनों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया:जानें- इसका आपके डेली खर्चों, निवेश, ट्रेवल और EMI पर क्या असर पड़ता है?

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारतीय रुपए पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को… Read More

4 hours ago

अकाली दल 00, BJP 1 या 2, कांग्रेस भी सिंगल डिजिट… भगवंत मान ने लिखकर दिया 2027 में किसे कितनी सीटें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने NDTV की 'नवा पंजाब समिट' में बताया है कि… Read More

4 hours ago

19 साल छोटे बॉयफ्रेंड के साथ एक बार फिर दिखाई दीं मलाइका अरोड़ा, बेटे अरहान भी आए नजर

मलाइका और हर्ष एक बार फिर साथ देखा गया, जिसके बाद इनके रिश्ते की चर्चाएं… Read More

4 hours ago

राघव चड्ढा पर भगवंत मान ने क्यों सुनाई कल्याण सिंह की कहानी, उमा भारती का भी किया जिक्र

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कल्याण सिंह और… Read More

4 hours ago

SSC GD परीक्षा के दौरान केंद्र पर क्षमता से 3 गुना अभ्यर्थियों के बुलाए जाने से बिगड़े हालात, Exam रद्द

SSC GD Exam Cancel Notice 2026: कानपुर के महाराजपुर स्थित श्रीमती रामकली इकबाल बहादुर ऑनलाइन… Read More

4 hours ago

सलमान खान को अपनी बकरी बेचना चाहता है किसान, इस खूबी के चलते लाखों में पहुंच चुकी है कीमत

सलमान खान की देशभर में बड़ी फैन फॉलोइंग है और ईद के समय उनका नाम… Read More

4 hours ago

This website uses cookies.