देश के स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने और भारत में स्वास्थ्य देखभाल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचने में भारत ने एक सराहनीय उपलब्धि अर्जित की है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान 1,02,23,619 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
वर्तमान में चल रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत, अब तक 3,462 ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में आयोजित 79,487 स्वास्थ्य शिविरों में आने वालों की संख्या 1,31,66,365 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य शिविरों में निम्नलिखित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं:
आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई): विकसित भारत संकल्प यात्रा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रमुख योजना के तहत, आयुष्मान ऐप का उपयोग करके आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं और लाभार्थियों को भौतिक कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। अब तक 23,83,473 से अधिक कार्ड वितरित किये जा चुके हैं।
कल आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में कुल 6,34,168 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
क्षय रोग (टीबी): टीबी के रोगियों की जांच, लक्षणों की जांच, बलगम परीक्षण और जहां भी उपलब्ध हो, एनएएटी मशीनों का उपयोग करके की जाती है। जिन मामलों में टीबी होने का संदेह होता है उन्हें उच्च सुविधाओं के लिए रेफर कर दिया जाता है। 36वें दिन के अंत तक, 49,17,356 से अधिक लोगों की जांच की गई, जिनमें से 3,41,499 से अधिक लोगों को उच्च सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रेफर किया गया।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (पीएमटीबीएमए) के तहत टीबी से पीड़ित मरीजों को निक्षय मित्रों से सहायता प्राप्त करने के लिए सहमति ली जा रही है। निक्षय मित्र बनने के इच्छुक प्रतिभागियों को ऑन-स्पॉट पंजीकरण भी प्रदान किया जा रहा है। पीएमटीबीएमबीए के तहत 1,17,734 से अधिक रोगियों ने सहमति दी है और 39,819 से अधिक नए निक्षय मित्र पंजीकृत किए गए हैं।
निक्षय पोषण योजना (एनपीवाई) के तहत टीबी रोगियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से मौद्रिक सहायता प्रदान की जाती है। इस उद्देश्य से लंबित लाभार्थियों के बैंक खाते का विवरण एकत्र किया जा रहा है और खातों को आधार से जोड़ा जा रहा है। ऐसे 30,093 लाभार्थियों का विवरण एकत्र किया गया है।
सिकल सेल रोग: प्रमुख जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों में, एससीडी के लिए प्वाइंट ऑफ केयर (पीओसी) परीक्षणों के माध्यम से या सॉल्यूबिलिटी टेस्ट के माध्यम से सिकल सेल रोग (एससीडी) का पता लगाने के लिए 40 वर्ष तक के लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। परीक्षण में रोग साबित हो जाने वाले मरीजों को इलाज के लिए उच्च केंद्रों पर भेजा जा रहा है। अब तक 5,08,701 से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 21,793 लोग सकारात्मक पाए गए और उन्हें उच्च सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में भेजा गया।
गैर-संचारी रोग (एनसीडी): उच्च रक्तचाप और मधुमेह के लिए 30 वर्ष और उससे अधिक की आयु वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है और रोग होने के संदेह वाले मामलों को उच्च केंद्रों पर भेजा जा रहा है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह के लिए लगभग 10,297,809 लोगों की जांच की गई है। 4,82,667 से अधिक लोगों को उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने का संदेह था और 3,45,898 से अधिक लोगों को मधुमेह होने का संदेह था। कुल 7,59,451 से अधिक लोगों को उच्च सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में भेजा गया था।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment