लोकसभा ने आज व्यक्तिगत डिजिटल डाटा संरक्षण विधेयक पारित कर दिया। विधेयक में लोगों के व्यक्तिगत डाटा का उपयोग करते समय उसकी सुरक्षा और वैधानिक उद्देश्यों के लिए उसके उपयोग को सुनिश्चित करने का प्रावधान है। साथ ही कोई व्यक्ति किसी के व्यक्तिगत डाटा को उसकी सहमति के आधार पर ही इस्तेमाल कर सकता है। विधेयक में भारतीय डाटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना का प्रावधान है। उल्लंघन की सूचना मिलने पर बोर्ड मामले की जांच करेगा और जुर्माना लगाएगा। विधेयक के अनुसार ऐसे मामले में 250 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कानून का उद्देश्य 140 करोड़ भारतीयों के व्यक्तिगत डिजिटल डाटा की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 90 करोड़ लोग इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। डिजिटल दुनिया में लोगों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक में व्यक्तिगत डाटा रखने की एक निश्चित सीमा, डाटा की उचित सुरक्षा और डाटा के संबंध में जवाबदेही का प्रावधान हैं। विधेयक की भाषा सरल रखी गई है ताकि आम आदमी उसे समझ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों को कमजोर नहीं करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को लोगों के हितों की कोई चिंता नहीं है।
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