Categories: News-Headlines

लोकसभा में वित्त विधेयक 2024 ध्वनिमत से पारित

लोकसभा ने वित्त विधेयक 2024 ध्वनि मत से पारित कर दिया है। विधेयक में वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए आयकर की मौजूदा दरों को जारी रखने, कर-दाताओं को कुछ राहत प्रदान करने और कुछ अधिनियमों में संशोधन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह विधेयक प्रस्‍तुत किया था। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि आयकर की वर्तमान दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

इससे पहले चर्चा आरंभ करते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले दस वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है, लेकिन ऋण तीन गुना बढ़ गया है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। श्री तिवारी ने बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया।

भाजपा नेता सुभाष चंद्र बहेरिया ने ई-मार्केटिंग कार्यालयों के पंजीकरण में देरी का मुद्दा उठाया और सरकार से माल और सेवा कर प्रणाली में सुधार का आग्रह किया। बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर ने 2009-10 की अवधि में 25 हजार रुपये तक के बकाया प्रत्यक्ष कर माफ करने और वित्त वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक विवादित 10 हजार रुपये माफ करने की सरकार की पहल का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि लोगों के हित में यह पहल की गई है, जिससे एक करोड़ लोगों को लाभ होगा। चर्चा में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सीएन अन्नादुरई, भाजपा के राम कृपाल यादव, बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब, बसपा की संगीता आजाद, अन्नाद्रमुक के पी रवींद्रनाथ और जनता दल यूनाईटेड के कौशलेंद्र कुमार ने भाग लिया।

Leave a Comment

Recent Posts

This website uses cookies.