लोकसभा में आज दूरसंचार विधेयक 2023 प्रस्तुत किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं और नेटवर्क के विकास, विस्तार एवं संचालन से संबंधित कानून को संशोधित और समेकित करना है। विधेयक स्पेक्ट्रम के आवंटन से भी संबंधित है जो इसके तकनीकी रूप से तटस्थ और अधिकतम उपयोग को सक्षम बनाता है। विधेयक में स्पेक्ट्रम उपयोग के नियमों और शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निर्दिष्ट स्पेक्ट्रम के हस्तक्षेप-मुक्त उपयोग को सक्षम करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन तंत्र की स्थापना का प्रावधान है।
यह दूरसंचार उपकरण, दूरसंचार पहचानकर्ता, दूरसंचार नेटवर्क और दूरसंचार सेवाओं के मानकों एवं अनुरूपता मूल्यांकन की रूपरेखा प्रदान करता है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, आपातकाल, सार्वजनिक सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के प्रावधान भी हैं। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। बहुजन समाज पार्टी के सदस्य रितेश पांडेय ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह निजता के अधिकार के विरूद्ध है। उन्होंने विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की।
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