इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) में सचिव अजय प्रकाश साहनी और आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय में सचिव, दुर्गाशंकर मिश्रा, द्वारा संयुक्त रूप से पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के डिजिटल ज्ञान प्राप्ति के लिए विशेष अभियान के प्रमुख भाग का आज शुभारम्भ किया गया। एमईआईटीवाई और एमओएचयूए के वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आज शुरू किया गया यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
विशेष अभियान का उद्देश्य यूपीआई क्यूआर कोड पर रेहड़ी-पटरी वालों की डिजिटल ज्ञान प्राप्ति में तेजी लाना और उन्हें डिजिटल भुगतान के माध्यम से लेनदेन स्वीकार करने का काम शुरू करना है। पेटीएम, फोन पे, भारत पे, एमस्वाइप और एसवेयर सहित पांच प्रमुख एग्रीगेटर्स ने रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को डिजिटल रूप से भीम-यूपीआई क्यूआर कोड के साथ जोड़ने के लिए 45 दिनों के विशेष अभियान में भाग लेने के लिए सहमति व्यक्त की है।
यह अभियान देश भर के 223 शहरों को शामिल करेगा, जिसमें लगभग 8,68,184 रेहड़ी-पटरी वाले विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के तहत शामिल होंगे। डिजिटल पेमेंट एग्रीगेटर रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल भुगतान के लाभों जैसे कि सुविधा, बढ़ी हुई परिचालन क्षमता, धन का निर्बाध हस्तांतरण, लागत बचत, पारदर्शिता और सुरक्षा के बारे में शिक्षित करेगा। वे पेनी ड्रॉप ट्रांजेक्शन और डिजिटल रूप से भुगतान करने और भुगतान स्वीकार के लिए आवश्यक कोई भी अन्य सहायता प्रदान करके रेहड़ी-पटरी वालों की मदद करेंगे।
योजना के तहत डिजिटल भुगतान लेनदेन और ऋण चुकाने के डेटा सहित डिजिटल फुटप्रिंट से रेहड़ी-पटरी वालों की क्रेडिट प्रोफाइलिंग में मदद मिलेगी। इससे रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक ऋण व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा और असंगठित क्षेत्र के वित्तीय समावेशन में मदद मिलेगी।
इससे स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक क्रेडिट इकोसिस्टम में शामिल किया जा सकेगा और असंगठित क्षेत्र के वित्तीय समावेशन में मदद मिलेगी।
हाल के वर्षों में, डिजिटल भुगतान के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। भीम यूपीआई, रूपे आदि संपर्क रहित डिजिटल भुगतान मोड की कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामाजिक दूरी को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड -19 महामारी ने डिजिटल भुगतान को अपनाने के लिए नागरिकों में व्यवहारिक परिवर्तनों को प्रेरित किया है। अप्रैल 2020 में भीम यूपीआई लेनदेन में 99.95 करोड़ रुपये से अगस्त -2021 में 355.55 करोड़ तक की जबरदस्त वृद्धि में परिलक्षित हुआ है। कोरोना वायरस संकट के दौरान, डिजिटल भुगतान, विशेष रूप से भीम यूपीआई ने वाणिज्य और व्यवसाय को सहायता देकर अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू… Read More
अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट… Read More
हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर 14 अप्रैल 2026 को मालदीव के माले से छह दिवसीय… Read More
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के… Read More
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में अर्बन चैलेंज… Read More
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment