राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बंधुआ मजदूरी पर नये परामर्श जारी किये हैं। इनमें कहा गया है कि राज्य और जिला स्तर के अधिकारी ईंट भट्टों के मजदूरों तक ही सीमित नहीं रहें बल्कि विनिर्माण से जुडे उद्योगों, शॉपिंग मॉल, कॉल सेंटर और मसाज पार्लर जहां बंधुआ मजदूरी का काम होता है, उनकी तरफ भी ध्यान दें। आयोग ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को उन परिवारों की पहचान करने को भी कहा है जो अत्यधिक मुश्किल परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं ताकि उन्हें बंधुआ मजदूरी की कुरीति से बचाया जा सके। आयोग ने कहा कि राज्य सरकारों को कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों को मुफ्त राशन, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। आयोग ने केंद्र से ई-श्रम पोर्टल पर अनियमित श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी कहा है।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment