राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज भवन में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उनके सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने वर्चुअल माध्यम से ग्वालियर स्थित डीआरडीओ की ‘मैक्सिमम माइक्रो-बायोलॉजिकल कनटेनमेंट प्रयोगशाला’ तथा सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय की रतनपानी-इटारसी सड़क परियोजना की आधारशिला रखी।
उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोगों ने भारतीय संस्कृति और उसकी विकास-यात्रा के प्रति मूल्यवान योगदान किया है। एक तरफ मध्यप्रदेश के पास अनोखा प्राकृतिक सौंदर्य है, तो वहीं दूसरी ओर, उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है। महान कवि कालिदास से लेकर संगीत सम्राट तानसेन और आगे चलकर लता मंगेशकर जैसी प्रतिभाओं ने इस धरा पर जन्म लिया है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा भी इसी धरती के पुत्र हैं। बाबासाहेब भीमराव अम्बेकर का जन्मस्थान महू है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मेधावी व्यक्तित्व और उनके गौरवशाली राजनीतिक जीवन ने मध्यप्रदेश में ही आकार लिया था।
राष्ट्रपति ने कहा कि मध्यप्रदेश में अनेक दर्शनीय ऐतिहासिक स्थान मौजूद हैं। महाकालेश्वर और ओमकारेश्वर के ज्योतिर्लिंग, उज्जैन का सिंहस्थ कुम्भ, नर्मदा का उद्गम, अमरकंटक में प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव का मंदिर, चित्रकूट में भगवान राम का वनगमन, ये सभी मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक महत्त्व को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश में सबसे बड़ा वनाच्छादित क्षेत्र मध्यप्रदेश में है। प्रदेश में कई राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और बाघ अभयारण्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीव में रुचि रखने वालों के लिये यह बहुत उत्साह का विषय रहा है, जब हाल ही में नामीबिया से लाये गये चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया। राष्ट्रपति ने कामना की कि अन्य देशों से लाकर चीतों की दुर्लभ प्रजाति को भारत में बसाने के लिये जो अभियान चलाया जा रहा है, वह सफल हो।
राष्ट्रपति ने कहा कि इंदौर शहर को लगातार छठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है तथा मध्यप्रदेश ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2022’ में सबसे साफ-सुथरे राज्य का पुरस्कार जीता है। इसके अलावा, एक लाख से अधिक की आबादी वाले 100 सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में मध्यप्रदेश के 30 शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता सक्रिय जन भागीदारी और लोगों की जागरूकता का जीता-जागता उदाहरण है। राष्ट्रपति ने राज्य में स्वच्छता की संस्कृति को मजबूत बनाने के लिये मध्यप्रदेश के लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रति राज्य के लोगों के प्रयास सभी के लिये अनुकरणीय हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि मध्यप्रदेश ने समावेशी विकास के नई आयाम स्थापित किये हैं। राज्य ने विकास के कई मानकों के मद्देनजर प्रभावशाली उपलब्धियां हासिल की हैं। मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले एक दशक में साढ़े तीन गुना बढ़ा है। खाद्यान्न के उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर औसतन 20 प्रतिशत बढ़ी है। राष्ट्रपति ने राज्य के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार की सराहना की और यह विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश की विकास-यात्रा इसी तरह तेजी से आगे बढ़ती जायेगी तथा विकास के लाभ राज्य वासियों के सभी वर्गों तक पहुंचेगे।
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