Categories: News-Headlines

राष्ट्रपति ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज हरियाणा के हिसार में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया और संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के समय से ही शिक्षा, अनुसंधान और कृषि के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आज अगर हरियाणा केंद्रीय पूल के तहत खाद्यान्न भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, तो इसका श्रेय केंद्र और राज्य सरकारों की किसान-हितैषी नीतियों, एचएयू की तकनीकी पहलों और नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाने की इस राज्य के किसानों की इच्छाशक्ति को जाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद खाद्यान्न की कमी वाले देश से, खाद्यान्न निर्यातक देश बन चुका है। लेकिन आज कृषि के सामने बढ़ती जनसंख्या, सिकुड़ती कृषि भूमि, गिरता भूजल स्तर, घटती मिट्टी की उर्वरता और जलवायु परिवर्तन जैसी कई चिंताएं हैं जिनका समाधान कृषि पेशेवरों को खोजना होगा। उन्हें पर्यावरण और जैव विविधता को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए हमारी विशाल आबादी को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के तरीके खोजने होंगे। कृषि पेशेवरों के लिए यह एक चुनौती भी है और अवसर भी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने, कृषि को पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा लाभकारी बनाने में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जल कृषि का एक महत्वपूर्ण घटक है लेकिन यह सीमित मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए कृषि में जल का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। सिंचाई में प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग होना चाहिए ताकि जल संसाधनों का दोहन कम से कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक के विकास और प्रसार में एचएयू जैसे संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रयोगशालाओं की तरह काम करना चाहिए जहां से ज्ञान फैलता है और पूरे समाज को लाभ पहुंचता है। उन्हें यह जानकर बहुत खुशी हुई कि एचएयू किसानों के बीच फसल उत्पादन तकनीकों के प्रसार के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। उन्होंने इन प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया ताकि देश के लोगों, खासकर हरियाणा के निवासियों को अधिकतम लाभ मिल सके।

राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि एक बहुत बड़ा क्षेत्र है। अनाज, फल और दूध उत्पादन, पशुपालन और मत्स्य पालन के अलावा और भी कई उद्योग हैं जो सीधे तौर पर कृषि से जुड़े हैं। भारत एक स्टार्ट-अप हब के रूप में उभरा है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम भारत में है। कृषि क्षेत्र कई उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति करता है। इसलिए यह क्षेत्र स्टार्ट-अप के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि एचएयू ने इनोवेशन, टेक्नोलॉजी के उन्नयन और कौशल विकास के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की है। उन्होंने भरोसा जताया कि छात्र इस सकारात्मक वातावरण का लाभ उठाएंगे और देश के विकास में योगदान देंगे।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

9 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

10 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

10 hours ago

This website uses cookies.