रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रियाद में विश्व रक्षा प्रदर्शनी 2024 के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। सऊदी अरब की उनकी यह यात्रा 08 फरवरी, 2024 को संपन्न हुई। रक्षा राज्य मंत्री ने अपनी यात्रा के अंतिम दिन रक्षा विकास के लिए जनरल अथॉरिटी (जीएडीडी) का दौरा किया। उन्होंने इस प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ फलेह बिन-अब्दुल्ला अल-सुलेमान से मुलाकात की और उनके साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच भविष्य में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने रक्षा विकास के लिए जनरल अथॉरिटी के अध्यक्ष को सुविधाजनक तिथि पर भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
अजय भट्ट ने किंग अब्दुल अजीज सिटी फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केएसीएसटी) का भ्रमण किया और इसके अध्यक्ष डॉ. मुनीर एम एल्डेसौकी से भेंट की। उन्होंने प्रयोगशालाओं और उत्पादन स्थलों सहित संपूर्ण केएसीएसटी परिसर का दौरा भी किया।
रक्षा राज्य मंत्री ने 07 फरवरी को रियाद में सऊदी अरब के सैन्य उद्योग – उन्नत इलेक्ट्रॉनिकी कंपनी मुख्यालय (एसएएमआई-एईसी) का दौरा किया। दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा चर्चा की। इसके बाद उन्होंने दिरियाह में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल अल-तुरैफ की यात्रा भी की।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास में अजय भट्ट के सम्मान में एक सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने वहां एक सभा को संबोधित भी किया। रक्षा राज्य मंत्री ने राष्ट्र के समग्र विकास और सभी क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने पर भारत सरकार के फोकस के बारे में अपने विचार रखे। रियाद में भारतीय स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें भारत की विरासत से समृद्ध और सीमाओं के पार एकता की भावना का प्रदर्शन किया गया।
भारत की तीनों सेनाओं से आने वाली महिला अधिकारी – स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ, कर्नल पोनुंग डोमिंग और लेफ्टिनेंट कमांडर अन्नू प्रकाश भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं। इन सभी ने रियाद में विभिन्न सीबीएसई संबद्ध विद्यालयों के 700 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों के साथ बातचीत की। सभी छात्र एवं छात्राएं भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए अवसरों के बारे में जानने के लिए उत्सुक दिखे। इस बातचीत के दौरान सभी विद्यार्थी धैर्य, जुनून तथा सफलता की गाथाएं सुनकर रोमांचित हुए।
रक्षा राज्य मंत्री के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में अंतर्निहित सामर्थ्य की पुष्टि की है। इससे सहयोग के नए आयाम विकसित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है और सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए साझा प्रतिबद्धताओं को सशक्त किया गया है।
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