नौसेना कमांडरों के अर्द्धवार्षिक सम्मेलन 2024 के पहले संस्करण का आयोजन 05 से 08 मार्च, 2024 तक आयोजित किया गया। 6 महीने के अंतराल में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन एक संस्थागत मंच की तरह कार्यरत है, जो सैन्य-रणनीतिक स्तर के महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए अवसर प्रदान करता है। इस सम्मेलन का उद्घाटन सत्र विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर आयोजित किया गया था। इसके आगे की गतिविधियां 07 और 08 मार्च 2024 को हाइब्रिड प्रारूप में नई दिल्ली में आयोजित की गई थीं। माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और रक्षा सचिव के साथ उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा नौसेना कमांडर उपस्थित थे।
रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया और आसपास के समुद्री क्षेत्र में हाल की घटनाओं तथा उत्पन्न समस्याओं पर भारतीय नौसेना द्वारा बहादुरी के साथ की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने नौसेना के कमांडरों से संघर्ष के सभी क्षेत्रों में संचालन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय नौसेना से अपेक्षित नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया। इसके अलावा, माननीय रक्षा मंत्री ने भविष्य के युद्धक्षेत्र को अनुकूल रूप देने और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए तीनों सेनाओं की संयुक्तता एवं एकीकरण के महत्व पर जोर दिया।
नई दिल्ली में 07-08 मार्च 2024 को हुई बैठक में परिचालन, सामग्री, बुनियादी ढांचा, रसद और कार्मिक संबंधी गतिविधियों की समीक्षा प्रमुखता से शामिल थी। इसके अलावा, नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने समुद्री क्षेत्र में समकालीन एवं भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए द्वीप क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि सहित मौजूदा और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के प्रमुखों ने भी नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत की। इस दौरान मौजूदा एवं उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए तत्परता के स्तर को रेखांकित करते हुए परिचालन के माहौल में अपने आकलन को साझा किया गया। इसके लिए तीनों सेनाओं के आपसी तालमेल एवं सहयोग को विस्तार देने के लिए कई क्षेत्र और डोमेन पर भी विचार रखे गए।
नौसेना कमांडरों ने सम्मेलन के इतर 08 मार्च 2024 को ‘सागर मंथन’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ‘वैचारिक विशेषज्ञ’ के साथ बातचीत की। इस मंच ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्दयम व इनोवेटर्स तथा शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श करने के तौर-तरीकों, साधनों एवं नए विचारों पर मंथन करने के साथ ही आत्मनिर्भरता पहल को आगे बढ़ाने और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment