Categories: News-Headlines

रक्षा मंत्री ने कंबोडिया में आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की नौवीं बैठक में भाग लिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिएम रीप, कंबोडिया में 9वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम प्लस) में भाग लिया। रक्षा सचिव गिरिधर अरामाने, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) एयर मार्शल बी आर कृष्णा और रक्षा एवं विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मंत्री के साथ थे।

एडीएमएम प्लस दस आसियान देशों और इसके आठ संवाद सहयोगी देशों, भारत, अमेरिका, रूस, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड एवं दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रियों की एक वार्षिक बैठक है। वर्ष 2022 भारत-आसियान संबंधों की 30वीं वर्षगांठ भी है।

एडीएमएम प्लस फोरम में अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय एवं सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए तत्काल और दृढ़ वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया तथा इसे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक सुरक्षा वातावरण पिछले कुछ दशकों में मौलिक रूप से बदल गया है, जिसमें आतंकवादी समूह नये दौर की तकनीकों की मदद से विचारधाराओं का प्रचार करने, धन हस्तांतरण और समर्थकों की भर्ती करने के लिए महाद्वीपों में अंतर्संबंध बना रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों सहित वैश्विक महामारी कोविड-19 के बाद सामने आई अन्य सुरक्षा चिंताओं की ओर भी फोरम का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में भारत ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता, दवाओं, टीकों और खाद्यान्न का वितरण करने में अपने सहयोगियों के साथ काम किया है।

राजनाथ सिंह ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और वैश्विक कॉमन्स की सुरक्षा के लिए भारत और एडीएमएम प्लस देशों के बीच व्यावहारिक, दूरंदेशी और परिणामोन्मुखी सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक मुक्त, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करता है और सभी देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान करता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता पर चल रही आसियान-चीन वार्ता अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से युनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सीज़ (यूएनसीएलओएस) के साथ पूरी तरह से संगत होनी चाहिए और उन राष्ट्रों के वैध अधिकारों एवं हितों के प्रति पक्षपातपूर्ण नहीं होनी चाहिए जो इन चर्चाओं में शामिल नहीं हैं।

रक्षा मंत्री ने सभी सदस्य देशों से हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक स्थिर, संरक्षित एवं अधिक सुरक्षित दुनिया की दिशा में सकारात्मक इरादे के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।

Leave a Comment

Recent Posts

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More

7 hours ago

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है शुरुआत

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More

7 hours ago

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More

9 hours ago

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

10 hours ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

11 hours ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

1 day ago

This website uses cookies.