गृह मंत्री अमित शाह ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ एक अहम बैठक कर सहकारिता क्षेत्र के लिए कई अहम निर्णय लिए। पैक्स को सशक्त करने के उद्देश्य से मौजूदा थोक पेट्रोल / डीज़ल डीलरशिप लाइसेंसधारी पैक्स (PACS) को रिटेल आउटलेट में बदलने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सहमति दे दी है। इसके तहत मौजूदा पैक्स को अपने थोक उपभोक्ता पंपों को रिटेल आउटलेट में बदलने के लिए एक बार विकल्प दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्रालय की पहल पर देश में पैक्स (PACS) तथा सहकारी चीनी मिलों के सुदृढीकरण हेतु पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। देश में सहकारिता आंदोलन को मज़बूत करने के लिए नए पेट्रोल / डीजल डीलरशिप के आवंटन में पैक्स को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अब पैक्स को भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप मिल सकेगी, इसके लिए पैक्स की पात्रता को मंज़ूरी मिल गई है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में सहकारी चीनी मिलों को प्रोत्साहन देने के लिए उनके द्वारा उत्पादित इथेनॉल खरीद के लिए भी प्राथमिकता देने को सहमति दी गई और इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत पेट्रोलियम मंत्रालय सुनिश्चित करेगा कि सहकारी चीनी मिलों को इथेनॉल खरीद के लिए अन्य निजी कंपनियों के अनुरूप प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा अब PACS स्वयं भी खुदरा आउटलेट का संचालन कर सकेंगे।
पेट्रोलियम मंत्रालय एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए पैक्स को पात्र बनाने के लिए नियमों में बदलाव भी करेगा और नए पेट्रोल / डीजल डीलरशिप के आवंटन में पैक्स को स्वतंत्रता सेनानी तथा स्पोर्ट्स कोटे के साथ कंबाइंड केटेगरी 2 (CC 2) श्रेणी में रखा जाएगा।
देश में सहकारिता आंदोलन को गति प्रदान करने की दिशा में गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) को मज़बूत करने के लिए कई और महत्वपूर्ण कदम भी उठाये हैं। पैक्स के लिए मॉडल बायलॉज़ बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से देशभर की लगभग 1 लाख पैक्स ग्रामीण आर्थिक विकास का आधार बन सकेंगी और 25 से भी अधिक विभिन्न गतिविधियों के ज़रिए देश के 13 करोड़ से भी अधिक किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी।
इसके अलावा, पैक्स के हाथ मज़बूत करने के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा पैक्स के कम्प्यूटरीकरण की केन्द्रीय प्रायोजित योजना चलाई जा रही है, जिससे पैक्स एक कॉमन नेश्नल सॉफ्टवेयर के माध्यम से नाबार्ड से जुड़ पाएंगी। इसके साथ ही, सहकारिता मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नाबार्ड और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौता भी किया है, जिसके तहत सीएससी की 300 से भी अधिक ई-सेवाओं को पैक्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता तक पहुँचाया जा सकेगा।
सहकारिता मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों में सभी पंचायतों/गाँवों में 2 लाख बहुद्देशीय पैक्स व प्राथमिक डेयरी/मत्स्यपालन सहकारी समितियाँ स्थापित करने का भी लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, जेम (GEM) पोर्टल पर सहकारी समितियों को खरीददार के रूप में शामिल किया गया है और पैक्स के स्तर पर भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का विकेंद्रीकरण भी किया जा रहा है।
मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय द्वारा उठाये जा रहे क़दम पैक्स को मज़बूत बनाने के साथ-साथ उनके बहुउद्देशीय आर्थिक इकाइयां बनने का रास्ता भी प्रशस्त करेंगे, जिससे देश के करोड़ों किसानों की आय में वृद्धि होगी। अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र का व्याप्त बढ़ाने और इसे मज़बूती प्रदान करने के लिए निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार प्रकट किया।
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