31 अक्टूबर, 2021 को नागपुर में आयोजित एकभव्य समारोह में नितिन गडकरी, माननीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और राम चंद्र प्रसाद सिंह, माननीय इस्पात मंत्री, भारत सरकार द्वारा मॉयल श्रमिकों के लिये बड़ी उद्घोषणा की गई।
यह वेतन संशोधन 10 साल की अवधि 01.08.2017 से 31.07.2027 तक है, जिससे लगभग 5,800 कंपनी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह प्रबंधन और मॉयलके मान्यता प्राप्त संघ यानी मॉयल कामगार संगठन (MKS) के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन पर आधारित है। प्रस्ताव में 20% का फिटमेंट लाभ और 20% की दर से अनुलाभ/भत्ते शामिल हैं। कंपनी द्वारा मई, 2019 से बेसिक और डीए के 12% की दर से अंतरिम राहत दी गई।
हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा। कंपनी 1 अगस्त, 2017 से 30 सितंबर, 2021 तक की अवधि का बकाया राशि का भुगतान एक बार में हीकर देगी, जिससे लगभग 218 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा।
इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के लिए वर्ष 2020-21 के लिए उत्पादन से जुड़ा बोनस रुपये 28,000/- बोनस की भी घोषणा की, जिसका भुगतान दीपावली के पहले किया जाएगा।
इस अवसर पर माननीय मंत्रियों ने मॉयल की विभिन्न सुविधाओं का जिसमें चिकलाखान में द्वितीय वर्टीकल शाफ्ट एवं चिकला,गुमगाँव,डोंगरीबुजुर्ग,तिरोड़ी एवं का न्द्रीखान में नएअस्पताल एवं तिरोड़ी खान में नए प्रशासनिक भवन का उदघाटन किया गया तथा बालाघाट में ग्रेजुएट ट्रेनी हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध करना शामिल है।
इस अवसर पर फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुनील केदार, राज्य के केंद्रीय पशुपालन, डेयरी विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्री, डॉ विकास महात्मे, राज्यसभा सांसद सुकृति लिखी अतरिक्त सचिव एवं वित्त सलहकार, इस्पात मंत्रालय और रुचिका गोविल, संयुक्त सचिव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कर्मचारी और विभिन्न यूनियन के सदस्य गणमान्य अतिथियों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे । वे इन घोषणाओं से अत्यधिक प्रसन्न हुए और उन्होंने इस्पात मंत्रालय को तहे दिल से धन्यवाद दिया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री, आर.सी.पी. सिंह ने मॉयल को लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धिहासिल करने हेतु तैयार रहने का भी आवाहन किया।
माननीय इस्पात मंत्री 1 नवंबर, 2021 को बालाघाट खदान का भी दौरा करेंगे, जो मॉयल द्वारा संचालित सबसे बड़ी मैंगनीज खदान है और एशिया की सबसे गहरी भूमिगत मैंगनीज खदान है।
अब कुछ बातें मॉयल के बारे में:
मॉयल लिमिटेड भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक अनुसूची-ए, मेँ शामिलश्रेणी- I की एक मिनीरत्न सीपीएसई है। मॉयल देश में मैंगनीज अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है और महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश राज्य में ग्यारह खदानों का संचालन करता है। मॉयल के पास देश के 34% मैंगनीज अयस्क का भंडार है और यह घरेलू उत्पाद में 45% योगदान दे रहा है। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 तक अपने उत्पादन को लगभग दोगुना करके 25 लाख मीट्रिक टन करने की महत्वाकांक्षी योजना है। मॉयल कारोबार के अवसर खोजने के लिये गुजरात के साथ साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा राज्य में भी कदम रखने के लिये प्रयत्नशील है।
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