रक्षा मंत्री ने वृद्धिशील स्वदेशी ड्रोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 6 अप्रैल, 2022 को वायु मुख्यालय (वायु भवन) में “मेहर बाबा प्रतियोगिता- II” की शुरुआत की थी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य “विमान परिचालन सतहों पर बाह्य वस्तुओं का पता लगाने के लिए झुंड ड्रोन आधारित प्रणाली” को लेकर प्रौद्योगिकी विकसित करना है। इस प्रतियोगिता का नाम प्रसिद्ध एयर कमोडोर एमवीसी, डीएसओ मेहर सिंह के नाम पर रखा गया है- जिन्हें प्यार से मेहर बाबा कहा जाता है। इस प्रतियोगिता का पहला संस्करण अक्टूबर, 2018 में शुरू किया गया था और इसका समापन अक्टूबर, 2021 में हुआ था।
सभी विमान परिचालक विमान की परिचालन सतहों को बाह्य वस्तु मलबे (एफओडी) से साफ और स्वच्छ रखने में एक चुनौती का सामना करते हैं। कई बार यह एक कठिन परिश्रम वाला कार्य होता है, जिसे एक दिन में दोहराए जाने की जरूरत होती है। यह जनशक्ति अधिक लाभकारी रूप से नियोजित हो सकती है, अगर कर्मचारी केवल अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इसके अलावा कम प्रकाश की स्थिति में बाह्य वस्तु मलबे को देखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
इसे देखते हुए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) विमान परिचालन सतहों पर मानव शक्ति की तैनाती के बिना एफओडी का पता लगाने की दिशा में नवीन समाधान की खोज की जा रही है। इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण केवल भारतीय नागरिकों और भारतीय पंजीकृत संस्थाओं के लिए खुला है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 2 अक्टूबर, 2022 है। इस प्रतियोगिता के संबंध में सभी जरूरी विवरण https://lndianairforce।nic।in/mehar-baba/# पर दिए गए हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment