राजेश अग्रवाल आईएएस, अपर सचिव, वाणिज्य मंत्रालय ने कोच्चि में मसाला बोर्ड की 36वीं वर्षगांठ समारोहों का उद्घाटन करते हुए कहा कि ‘‘निर्यात बाजारों का विविधीकरण और मसाला सेक्टर में ब्रांड भारत का सृजन भारत को मसालों के निर्यात में अधिक टिकाऊ और गतिशील बनाने में सहायता करेगा। यह समस्त मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ बनाएगा।”
मसाला उद्योग के अग्रणी व्यक्तियों तथा निर्यातकों के साथ परस्पर बाततचीत करते हुए, अपर सचिव ने विचार व्यक्त किया, ‘‘अगर अर्थव्यवस्था के भीतर अधिक मूल्य वर्धन होता है तो यह सेक्टर को और अधिक लचीला बना देगा। ‘‘उन्होंने मसाला सेक्टर में और अधिक वृद्धि तथा विकास करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने तथा सार्वजनिक-निजी साझीदारियां करने की भी अपील की।
समारोह में निर्यातकों एवं अन्य हितधारकों को संबोधित करते हुए, मसाला बोर्ड के सचिव आईएफएस डी. साथियन ने जानकारी दी कि बोर्ड 2030 तक मसालों के निर्यात में 10 बिलियन डॉलर अर्जित करने के लिए कार्यनीति बनाता रहा है और उन्होंने हितधारकों से प्रमुख संभावित तथा उभरते बाजारों पर तथा सामूहिक कार्रवाई मसालों के व्यापार में आने वाली बाधाओं पर अंतदृष्टि के लिए अनुरोध किया।
अपनी 36वीं वर्षगांठ समारोहों के एक हिस्से के रूप में, निर्यात को दोगुना करने पर मसाला उद्योग के अग्रणी व्यक्तियों तथा निर्यातकों के साथ एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। पैनल चर्चा की अध्यक्षता राजेश अग्रवाल आईएएस द्वारा की गई जिसमें मसाला उद्योग के विभिन्न सेक्टरों के विशेषज्ञों तथा मसाला निर्यातक संघों के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता देखी गई। पैनल चर्चा के दौरान, यस बैंक और मसाला बोर्ड द्वारा मसाला निर्यातकों के लिए तैयार की गई और संकलित प्रमुख स्कीमों पर एक सार-संग्रह अपर सचिव राजेश अग्रवाल आईएएस द्वारा जारी की गई और मसालों के निर्यात के लिए मसाला बोर्ड की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली में तैयार की गई अपील तंत्र की रूपरेखा हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत की गई।
अपने 36वें संस्थापना दिवस पर, मसाला बोर्ड ने अतिरिक्त गुणवत्ता वाले मसालों के उत्पादन के लिए खाद्य सुरक्षा और मसालों की गुणवत्ता पर संदेश और जागरुकता फैलाने के लिए 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए ‘स्वच्छ और सुरक्षित मसालों’ पर एक राष्ट्रव्यापी अभियान का भी आयोजन किया।
भारतीय मसालों के विकास तथा विश्व व्यापी संवर्धन के लिए मसाला बोर्ड (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार) का गठन तत्कालीन इलायची बोर्ड तथा मसाला निर्यात संवर्धन परिषद के विलय के साथ 26 फरवरी, 1987 को किया गया था। मसाला बोर्ड भारतीय निर्यातकों और विदेशों में स्थित आयातकों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय कड़ी के रूप में काम करता है और यह विभिन्न कार्यकलापों में शमिल रहा है जो मसाला सेक्टर के प्रत्येक वर्ग को छूता है।
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