Categories: News-Headlines

भारत सरकार पंडोरा पेपर लीक मामले की जांच सीबीडीटी अध्‍यक्ष की अगुवाई में बहु-एजेंसी समूह से कराएगी

इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंटरनेशनल जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ने 3 अक्टूबर, 2021 को अपने पास 200 से अधिक देशों और इलाकों के धनी अभिजात वर्ग के लोगों के विदेशों में छुपे रहस्यों को उजागर करने वाले 2.94 टेराबाइट डेटा के आंकड़ों के होने का दावा किया है। यह खोजबीन कम या बिना कर वाले क्षेत्राधिकार में नकली (शेल) कंपनियों, ट्रस्टों, फाउंडेशनों और अन्य संस्थाओं को सूचीबद्ध कराने की चाहत रखने वाले धनी व्यक्तियों और निगमों को पेशेवर सेवाएं प्रदान करने वाले 14 अपतटीय सेवा प्रदाताओं के गोपनीय रिकॉर्ड के लीक होने पर आधारित है।

सरकार ने इन घटनाक्रमों पर संज्ञान लिया है। संबंधित जांच एजेंसियां ​​इन मामलों की जांच करेंगी और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में कारगर जांच सुनिश्चित करने की दृष्टि से, सरकार प्रासंगिक करदाताओं/संस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए विदेशी क्षेत्राधिकारों से पूरी तत्परता के साथ संपर्क भी करेगी। भारत सरकार एक ऐसे अंतर-सरकारी समूह का हिस्सा भी है, जो इस तरह के रहस्योदघाटन से जुड़े कर- संबंधी जोखिमों से कारगर तरीके से निपटने के लिए सहयोग और अनुभव साझा करना सुनिश्चित करता है।

इस बात पर गौर किया जा सकता है कि आईसीआईजे, एचएसबीसी, पनामा पेपर्स और पैराडाइज पेपर्स के रूप में पहले इसी तरह के रहस्योदघाटन के बाद, सरकार ने उपयुक्त कर और जुर्माना लगाकर काले धन अघोषित विदेशी परिसंपत्तियों एवं आय पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पहले से ही काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) एवं कर अधिनियम, 2015 को लागू कर रखा है। पनामा और पैराडाइज पेपर्स में की गई खोजबीन में लगभग 20,352 करोड़ रुपये की अघोषित जमाराशि (15.09.2021 तक की स्थिति के अनुसार) का पता चला है।

मीडिया में अब तक केवल कुछ भारतीयों (कानूनी संस्थाओं के साथ-साथ व्यक्तियों) के नाम सामने आए हैं। यहां तक ​​कि आईसीआईजे की वेबसाइट (www.icij.org) ने भी अभी तक सभी संस्थाओं के नाम और अन्य विवरण जारी नहीं किए हैं। आईसीआईजे की वेबसाइट का कहना है कि ये जानकारियां चरणबद्ध तरीके से जारी की जायेंगी और पेंडोरा पेपर्स की खोजबीन से जुड़े वर्गीकृत आंकड़े आने वाले दिनों में सिर्फ इसके ऑफशोर लीक्स डेटाबेस पर जारी किए जाएंगे।

इसके अलावा, सरकार ने आज निर्देश दिया है कि ‘पेंडोरा पेपर्स’ के नाम से मीडिया में आने वाले पेंडोरा पेपर्स रहस्योद्घाटन से जुड़े मामलों की जांच की निगरानी सीबीडीटी के अध्यक्ष के नेतृत्व में विविध एजेंसियों वाले एक समूह के जरिए की जाएगी। इस समूह में सीबीडीटी, ईडी,भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

Leave a Comment

Recent Posts

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More

15 hours ago

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More

15 hours ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

17 hours ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

19 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

19 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

19 hours ago

This website uses cookies.