कोविड महामारी के खिलाफ लडाई में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश को 12 वर्ष या उससे अधिक के किशोंरों के लिए कोविड रोधी वैक्सीन मिल गई है। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन- सी.डी.एस.सी.ओ. ने देश में 12 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के बच्चों के लिए कैडिला हेल्थकेयर की डीएनए आधारित कोविड वैक्सीन – जायकोव-डी के आपात उपयोग की अनुमति दे दी है।
सी.डी.एस.सी.ओ. की विशेषज्ञ समिति के परामर्श से तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण के परिणामों के मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दी गई। इस वैक्सीन की प्रभावशीलता 66.06 प्रतिशत है और इसे दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच सुरक्षित रखा जा सकता है। इस वैक्सीन की तीन डोज दी जाएंगी। पहली डोज देने के बाद 28वें दिन दूसरी और 56वें दिन तीसरी डोज दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश कोविड के खिलाफ पूरी ताकत के साथ लड़ रहा है और दुनिया की पहली डीएनए आधारित जायडस कैडिला की जायकोव-डी वैक्सीन देश के वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि जायकोव-डी को मिलाकर भारत में अब तक छह कोविड वैक्सीन को मंजूरी दी जा चुकी है और यह देश में ही विकसित दूसरी वैक्सीन है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जाइडस यूनिवर्स की दुनिया की पहली डीएनए आधारित ‘जाइकोव-डी’ वैक्सीन को मंजूरी मिलना भारत के वैज्ञानिकों के अभिनव उत्साह का प्रमाण है। सीडीएससीओ इंडिया इनफो के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा; ‘भारत पूरे जोश के साथ कोविड-19 से लड़ रहा है। जाइडस यूनिवर्स की दुनिया की पहली डीएनए आधारित ‘जाइकोव-डी’ (ZyCov-D) वैक्सीन को मंजूरी मिलना भारत के वैज्ञानिकों के अभिनव उत्साह का प्रमाण है। यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’
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