केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा आज आईएफएफआई में एक महत्वपूर्ण घोषणा में, विदेशी फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। देश में विदेशी फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि आज 30 करोड़ रुपये (3.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) की बढ़ी हुई सीमा और महत्वपूर्ण भारतीय सामग्री (एसआईसी) के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत बोनस के साथ किए गए खर्च का 40 प्रतिशत है। यह कदम देश में मध्यम और बड़े बजट की अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजनाओं को आकर्षित करने के भारत के प्रयासों को और गति देगा।
भारत द्वारा पिछले साल कान्स में विदेशी फिल्मों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई थी, जिसमें देश में फिल्म निर्माण के लिए किए गए खर्च का 30 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति की पेशकश की गई थी, जो कि 2.5 करोड़ रुपये तक सीमित थी। श्री ठाकुर ने गोवा में घोषणा करते हुए कहा, “फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने में यह आदर्श बदलाव कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए भारत की प्रतिबद्धता और समर्थन के लिए एक मानक के रूप में कार्य करता है और सिनेमाई प्रयासों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करता है।”
ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोडक्शन इस प्रोत्साहन योजना के लिए पात्र होंगे, जिन्हें 01 अप्रैल, 2022 के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय (केवल वृत्तचित्रों के लिए) द्वारा शूटिंग की अनुमति प्रदान की गई है। प्रोत्साहन राशि दो चरणों में वितरित की जाएगी यानी अंतरिम और अंतिम। भारत में परियोजना पूरी होने के बाद अंतिम संवितरण के लिए दावा किया जा सकता है। प्रोत्साहन राशि एक विशेष प्रोत्साहन मूल्यांकन समिति की सिफारिश पर प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के तहत स्थापित फिल्म सुविधा कार्यालय (एफएफओ) इस प्रोत्साहन योजना को क्रियान्वित कर रहा है। एफएफओ एकल-खिड़की सुविधा और निपटारा तंत्र के रूप में कार्य करता है जो भारत में फिल्मांकन को आसान बनाता है, साथ ही एक फिल्म के अनुकूल इकोसिस्टम बनाने और देश को फिल्मांकन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
एफएफओ द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को अब भारतीय फिल्म निर्माताओं तक भी विस्तारित कर दिया गया है। योजना के विस्तृत दिशानिर्देश एफएफओ वेबसाइट: https://ffo.gov.in/en पर उपलब्ध हैं।
इस क्षेत्र में घोषणा और नीतिगत उपाय का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर सृजित करना और देश में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देना है। एवीजीसी: एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और पोस्टप्रोडक्शन सेवाओं जैसे उभरते उद्योगों को भी फिल्म क्षेत्र में हालिया पहल से लाभ होने की उम्मीद है।
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